हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के 16 युवक रूस के युद्ध में फंसे, संपर्क टूटा, एक की मौत, स्टडी वीजा पर गए
हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और जम्मू के 16 भारतीय युवकों को एजेंटों ने स्टडी वीजा पर रूस भेजकर युद्ध क्षेत्र में फंसा दिया। एक युवक की मौत हो चुकी है, बाकी से संपर्क टूटा। परिजन 3 नवंबर को जंतर मंतर पर धरना देंगे।
➤ हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और जम्मू के 16 भारतीय युवक रूस में फंसे, एक की मौत की पुष्टि
➤ एजेंटों पर धोखे से युवकों को युद्ध क्षेत्र में भेजने का आरोप
➤ परिजन 3 नवंबर को जंतर मंतर पर धरना देकर सरकार से करेंगे राजनयिक हस्तक्षेप की मांग
भारत के हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और जम्मू के 16 युवकों के परिवारों ने केंद्र सरकार से अपने बेटों को रूस से सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है। इन युवकों को वर्ष 2024 में वैध स्टडी वीजा पर रूस भेजा गया था, लेकिन परिजनों का आरोप है कि एजेंटों ने शिक्षा के नाम पर उन्हें धोखे से युद्ध क्षेत्र में झोंक दिया, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा है।
जानकारी के अनुसार, इन युवकों में हरियाणा के हिसार, फतेहाबाद, रोहतक और जींद, राजस्थान के जयपुर, बीकानेर, सीकर, डीडवाना और कुचामन, पंजाब और जम्मू क्षेत्र के युवा शामिल हैं। दुखद बात यह है कि हिसार के मदनहेड़ी गांव निवासी सोनू की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
परिजनों के अनुसार, रूस पहुंचने के बाद एजेंटों ने इन युवकों को पहले सेना प्रशिक्षण देने की बात कही और फिर जबरन युद्ध में भेज दिया। इसके बाद से अधिकांश परिवारों का अपने बच्चों से संपर्क टूट गया है। माता-पिता और परिजन अब केवल सोशल मीडिया और विदेशों से आने वाली खबरों पर निर्भर हैं।
इन युवकों में हरियाणा के सोनू (मदनहेड़ी), अमन, विजय सिंह, अंकित, संदीप, अनूप कुमार, राजस्थान के मनोज सिंह शेखावत, अजय कुमार, संदीप सुंडा, महावीर प्रसाद, सुरेंद्र दहिया, और जम्मू के सचिन खजूरिया व सुमीत शर्मा शामिल हैं। सभी युवकों के परिवार गहरे सदमे में हैं और अपने बेटों की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि उनके बच्चे सैनिक नहीं बल्कि छात्र हैं, जिन्हें शिक्षा के बहाने रूस भेजा गया। अब उन्हें युद्ध में ढाल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। कई परिजनों ने बताया कि एजेंटों ने स्टडी वीजा पर 10 से 15 लाख रुपये तक लिए थे।
सरकार से उम्मीद लगाए परिवारों ने अब सड़कों पर उतरने का फैसला किया है। उन्होंने घोषणा की है कि 3 नवंबर को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक जंतर मंतर, नई दिल्ली में धरना देंगे। उन्हें इसकी अनुमति भी मिल चुकी है।
परिजनों ने कहा कि जब तक भारत सरकार इस मुद्दे पर ठोस राजनयिक कदम नहीं उठाती, वे आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय से गुहार लगाई है कि सभी युवकों को जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाए।
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