हरियाणा में बाढ़, बारिश से अरावली बांध टूटा, कई गांव डूबे, रेस्कयू जारी
गुरुग्राम में लगातार हो रही बारिश से कादरपुर गांव का अरावली बांध टूट गया। उल्लावास गांव के मकानों में दरारें आ गईं, लोगों को घर खाली करना पड़ा। बिल्डर की गहरी खुदाई और बारिश से मिट्टी खिसकने का खतरा बढ़ा। हरियाणा में लगातार बारिश से हालात बिगड़े। हिसार में मकान गिरने से महिला की मौत, कई घायल। गुरुग्राम में अंडरपास बंद, हाईवे डूबे। कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी खतरे के निशान से ऊपर, कई गांवों में पानी भर गया।
➤ गुरुग्राम में भारी बारिश से कादरपुर गांव का अरावली बांध टूटा
➤ उल्लावास गांव के कई मकानों में दरारें, लोगों ने घर खाली किए
➤ बिल्डर की गहरी खुदाई और बारिश से मिट्टी खिसकने का बड़ा खतरा
गुरुग्राम। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जिले के हालात बिगाड़ दिए हैं। मंगलवार को कादरपुर गांव में अरावली का पुराना बांध टूट गया, जिससे आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में कई फीट पानी भर गया। यह वही बांध है जो 1971 में पहली बार टूटा था और अब भारी जल दबाव में दोबारा ध्वस्त हो गया है।
सबसे ज्यादा असर उल्लावास गांव पर पड़ा है। यहां कई मकानों में गहरी दरारें पड़ गईं, जिसके चलते परिवारों को घर खाली करने पर मजबूर होना पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस संकट के पीछे सिर्फ बारिश ही नहीं बल्कि बिल्डर की लापरवाही भी जिम्मेदार है।
हरियाणा में सोमवार (2 सितंबर) सुबह से ही कई जिलों में रुक-रुककर हो रही बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। हिसार, पानीपत, यमुनानगर, करनाल, जींद, झज्जर और चरखी दादरी में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। वहीं भिवानी, हिसार, सिरसा, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और पंचकूला के कई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई।
गुरुग्राम में हालात
राजधानी से सटे गुरुग्राम में बारिश ने यातायात को प्रभावित कर दिया है। चार अंडरपास बंद कर दिए गए हैं। कल जिला प्रशासन ने आदेश जारी कर दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम लागू करने और स्कूलों को ऑनलाइन क्लास चलाने को कहा है।
हिसार में बड़ा हादसा
हिसार में देर रात भारी बारिश के चलते एक मकान की छत गिर गई। इस हादसे में महिला रायशा (33) की मौत हो गई, जबकि उसका पति और तीनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसी दौरान हिसार के गांधी चौक के पास स्थित 150 साल पुरानी अंग्रेजों के जमाने की इमारत भी गिर गई। संयोग से एक स्कूली बच्चा बाल-बाल बच गया। इससे पहले भी 31 जुलाई को इसी इमारत का हिस्सा बारिश से ढह चुका था।
हाईवे पर पानी, पुल धंसा
लगातार बारिश से हिसार में दो नेशनल हाईवे पानी में डूब गए। इनमें कोटपुतली-बठिंडा नेशनल हाईवे-148B और हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-52 शामिल हैं।
वहीं पंचकूला-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर कलानौर के पास यमुना नदी पर बने पुल की अप्रोच करीब 4 इंच धंस गई। NHAI ने यहां बैरिकेडिंग कर पुल की एक साइड को बंद कर दिया है।
नदियों का खतरा
यमुनानगर, सोनीपत और करनाल में यमुना नदी के कारण जमीन का कटाव शुरू हो गया है।
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में मारकंडा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। डेंजर लेवल 256 मीटर है, जबकि वर्तमान जलस्तर 256.05 मीटर हो चुका है। यहां से साढ़े 28 हजार क्यूसेक पानी गुजर रहा है, जिसके कारण दो गांवों में पानी भर गया है।
अन्य जिले
सिरसा के जोड़किया और पोहड़का गांवों में देर रात तीन अलग-अलग मकानों की छत गिर गईं। हादसों में दो युवकों को चोटें आई हैं।
वहीं चरखी दादरी के गांव रानीला में एक पुराना मकान गिर गया, हालांकि मकान कई दिनों से बंद था, इसलिए बड़ा हादसा टल गया।
बिल्डर की गहरी खुदाई बनी मुसीबत
जानकारी के अनुसार, एमजीएफ एम्मार बिल्डर की ओर से पास में सोसाइटी का निर्माण किया जा रहा है। बेसमेंट निर्माण के लिए मकानों से सटाकर 50-60 फीट गहरी खुदाई की गई थी। सोमवार से लगातार हो रही बारिश से मिट्टी धीरे-धीरे कटने लगी और मंगलवार को मकानों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई देने लगीं।
ग्रामीणों की चिंता
लोगों का कहना है कि अगर बारिश नहीं थमी तो मकानों के गिरने का खतरा और बढ़ सकता है। कई परिवार अपने घरों से सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने हालात पर नजर रखने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजने के निर्देश दिए हैं।
बारिश से जलभराव और ड्रेन का खतरा
तेज बारिश ने केवल गुरुग्राम ही नहीं, बल्कि हिसार के शाहपुर गांव और आसपास के इलाकों में भी हालात बिगाड़ दिए हैं। कई जगह पानी भर गया है और ड्रेन टूटने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीण प्रशासन से तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
Akhil Mahajan