हरियाणा में बिजली अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, कर्मचारियों ने मंत्री विज से वार्ता से किया इनकार
हरियाणा में बिजली अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गईं। कर्मचारियों ने शॉर्ट नोटिस का हवाला देकर मंत्री अनिल विज से वार्ता से इनकार किया और निजीकरण का विरोध किया।
हरियाणा में बिजली अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, विभागीय कामकाज सुचारू रखने की तैयारी
➤ कर्मचारियों ने मंत्री अनिल विज के साथ बैठक में शामिल होने से किया इनकार, बोले- शॉर्ट नोटिस पर नहीं आ सकते
➤ बिजली विभाग के निजीकरण का विरोध कर रहे कर्मचारी, वार्ता को लेकर बना गतिरोध
हरियाणा में बिजली विभाग से जुड़े विवाद के बीच अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। वहीं, कर्मचारियों ने मंत्री अनिल विज के साथ प्रस्तावित वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बैठक के लिए बहुत कम समय का नोटिस दिया गया है, इसलिए वे इसमें शामिल नहीं हो सकते। कर्मचारी बिजली विभाग के निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। अधिकारियों की छुट्टियां रद्द करने और कर्मचारियों के वार्ता से पीछे हटने के घटनाक्रम के बीच विभाग से जुड़े मुद्दे पर गतिरोध बना हुआ है।
बिजली अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, विभाग में हलचल
हरियाणा में बिजली विभाग के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द किए जाने का फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब कर्मचारी निजीकरण के विरोध में अपनी आवाज उठा रहे हैं। छुट्टियां रद्द होने से अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और विभागीय कामकाज को प्रभावित होने से बचाने की तैयारी के संकेत मिलते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आदेश की अवधि और इससे प्रभावित अधिकारियों की संख्या का विवरण नहीं दिया गया है।
मंत्री अनिल विज से बातचीत के लिए कर्मचारियों ने क्यों किया इनकार?
कर्मचारियों ने मंत्री अनिल विज के साथ वार्ता में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा कि बैठक के लिए शॉर्ट नोटिस दिया गया है। उनका कहना है कि इतने कम समय में वार्ता में पहुंचना संभव नहीं है। कर्मचारियों के इस रुख से बातचीत की प्रक्रिया पर असर पड़ने की स्थिति बन गई है।
बिजली विभाग के निजीकरण का विरोध कर रहे कर्मचारी
कर्मचारियों के विरोध का मुख्य मुद्दा बिजली विभाग का निजीकरण है। कर्मचारी इस कदम के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं। उनका वार्ता में शामिल नहीं होना भी इसी विवाद के बीच सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में निजीकरण से संबंधित प्रस्ताव का विस्तृत ब्योरा या कर्मचारियों की ओर से रखी गई अन्य मांगों का उल्लेख नहीं है।
आगे क्या होगा, वार्ता और विरोध पर टिकी नजरें
बिजली अधिकारियों की छुट्टियां रद्द किए जाने और कर्मचारियों के मंत्री अनिल विज से बातचीत से इनकार के बाद अब आगे की स्थिति पर नजर रहेगी। फिलहाल कर्मचारियों ने कम समय का नोटिस मिलने को बैठक में शामिल नहीं होने की वजह बताया है। बिजली विभाग के निजीकरण को लेकर विरोध के बीच वार्ता का अगला कदम क्या होगा, इसकी जानकारी सामने आने का इंतजार है।
Akhil Mahajan