हरियाणा सरकार की किसानों को दीपावली सौगात, बढ़े गन्ने के रेट, जानें कितना होगा फायदा

दीपावली के अवसर पर हरियाणा सरकार ने किसानों को तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गन्ने के रेट बढ़ाने का ऐलान किया है। अगेती किस्म का रेट 415 और पछेती का 408 रुपए प्रति क्विंटल तय हुआ।

हरियाणा सरकार की किसानों को दीपावली सौगात, बढ़े गन्ने के रेट, जानें कितना होगा फायदा

हरियाणा सरकार ने गन्ने का रेट बढ़ाया
अगेती किस्म का भाव 400 से बढ़ाकर 415 रुपए प्रति क्विंटल
पछेती किस्म का भाव 393 से बढ़ाकर 408 रुपए प्रति क्विंटल


दीपावली के मौके पर गन्ना किसानों को बड़ी सौगात मिली है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों के लिए एक बड़ा तोहफा देते हुए गन्ने के रेट में बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। सरकार ने दावा किया है कि हरियाणा अब देश में सबसे अधिक गन्ने का रेट देने वाला राज्य बन गया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की मेहनत और पसीने की कद्र करती है। इसी भावना के साथ दीपावली से पहले गन्ने के दाम बढ़ाने का निर्णय लिया गया है ताकि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती मिल सके। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

नई दरों के अनुसार, अगेती किस्म के गन्ने का रेट 400 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 415 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है, जबकि पछेती किस्म का रेट 393 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 408 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह बढ़ोतरी हरियाणा के गन्ना उत्पादकों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है, जो लंबे समय से भाव वृद्धि की मांग कर रहे थे।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि हरियाणा सरकार का यह फैसला किसानों को प्रोत्साहित करेगा और प्रदेश की चीनी मिलों में गन्ने की आपूर्ति भी बढ़ेगी। वहीं, गन्ना किसान संगठनों ने भी मुख्यमंत्री के इस कदम का स्वागत किया है और कहा है कि यह निर्णय प्रदेश में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला साबित होगा।

गन्ना किसानों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से लागत बढ़ने के बावजूद रेट में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो पा रही थी। अब दीपावली के ठीक पहले यह घोषणा एक त्योहारी तोहफा साबित होगी।

हरियाणा में गन्ने की खेती मुख्यतः यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत और फतेहाबाद जिलों में होती है। यहां के किसान लंबे समय से बेहतर मूल्य की मांग कर रहे थे। राज्य सरकार के इस कदम से इन इलाकों में उत्साह का माहौल है।