नए साल से पहले हरियाणा को मिल सकता है नया DGP, जानें किसका नाम होगा फाइनल

हरियाणा में नए DGP की नियुक्ति तेज। सरकार आज UPSC को पैनल भेज सकती है। अजय सिंघल सबसे प्रबल दावेदार, शत्रुजीत कपूर का नाम कटने की चर्चा।

नए साल से पहले हरियाणा को मिल सकता है नया DGP, जानें किसका नाम होगा फाइनल
  • हरियाणा DGP नियुक्ति की प्रक्रिया तेज, पैनल आज UPSC को भेजे जाने की तैयारी
  • सबसे सीनियर IPS अजय सिंघल DGP की रेस में सबसे आगे
  • शत्रुजीत कपूर का नाम नए पैनल से कटने की चर्चा


हरियाणा में नए पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति को लेकर हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार ने 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके वरिष्ठ IPS अधिकारियों का नया पैनल तैयार कर लिया है, जिसे आज संघ लोक सेवा आयोग को भेजे जाने की संभावना है। पैनल भेजे जाने के साथ ही हरियाणा पुलिस के शीर्ष पद पर नए डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुंच जाएगी।

यह कवायद ऐसे समय में हो रही है, जब कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। इसके साथ ही 1989 बैच के मोहम्मद अकील और 1991 बैच के आलोक कुमार रॉय भी इसी महीने रिटायर हो रहे हैं। डीजी जेल को फिलहाल तीन महीने का अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया है, लेकिन शीर्ष स्तर पर बड़े बदलाव तय माने जा रहे हैं।

डीजीपी पद की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार के रूप में 1992 बैच के IPS अजय सिंघल का नाम सामने आ रहा है। अजय सिंघल वर्तमान में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो के महानिदेशक हैं और पैनल में सबसे सीनियर अधिकारी माने जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर वह इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।

इसके अलावा 1993 बैच के IPS आलोक मित्तल, जो हरियाणा पुलिस आवास निगम के प्रबंध निदेशक हैं, और 1993 बैच के ही IPS अर्शिंदर सिंह चावला, जो मधुबन स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी के निदेशक हैं, भी डीजीपी पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। हालांकि सरकार और केंद्र स्तर पर अजय सिंघल के नाम पर सबसे ज्यादा सहमति बनती दिख रही है।

पूर्व डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर का नाम इस बार के पैनल से हटाए जाने की चर्चा भी तेज है। आईपीएस वाई पूरन कुमार की कथित आत्महत्या के मामले में नाम आने के बाद कपूर को छुट्टी पर भेजा गया था और हाल ही में उनका तबादला भी किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इन्हीं कारणों से उनका नाम नए पैनल में शामिल नहीं किया जा सकता है।

सरकार की कोशिश है कि वर्ष के अंत से पहले नए डीजीपी की नियुक्ति कर दी जाए, ताकि 1 जनवरी 2026 से हरियाणा पुलिस को स्थायी नेतृत्व मिल सके। यदि किसी कारण से चयन प्रक्रिया में देरी होती है, तो अंतिम निर्णय तक किसी वरिष्ठ अधिकारी को कार्यवाहक डीजीपी का प्रभार सौंपा जा सकता है। नए साल के साथ ही पुलिस महकमे में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की भी पूरी संभावना जताई जा रही है।