नए अध्यक्ष की नियुक्ति पर उठे सवाल, हरियाणा कांग्रेस में बढ़ा विवाद
हरियाणा कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति पर विवाद गहराया। कैप्टन अजय यादव ने राव नरेंद्र सिंह की ताजपोशी का विरोध करते हुए कहा कि यह राहुल गांधी की सोच के विपरीत है और इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा है।
➤ राव नरेंद्र सिंह की नियुक्ति, अजय यादव का खुला विरोध
➤ राहुल गांधी की इच्छा के विपरीत निर्णय कहा
➤ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरने की बात उठी
हरियाणा कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राव नरेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने के एक दिन बाद ही वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि यह नियुक्ति पार्टी कार्यकर्ताओं की उम्मीदों और राहुल गांधी की सोच के विपरीत है।
कैप्टन अजय यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट लिखकर अपनी नाराज़गी जताई। उन्होंने लिखा कि हरियाणा में कांग्रेस का ग्राफ लगातार गिर रहा है, ऐसे में पार्टी को आत्मनिरीक्षण की आवश्यकता है। राहुल गांधी की इच्छा थी कि प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष कोई ऐसा चेहरा बने जिसकी छवि पूरी तरह साफ-सुथरी, बेदाग और युवा नेतृत्व की पहचान रखने वाली हो। लेकिन मौजूदा निर्णय इसके उलट है।
अजय यादव ने दावा किया कि इस कदम से पार्टी कार्यकर्ताओं और कैडर का मनोबल बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उनके मुताबिक यह संदेश जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं की आवाज को नजरअंदाज कर रहा है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पहले ही संगठनात्मक बदलावों और प्रदेश में कमजोर होती पकड़ से जूझ रही है। हाल ही में चौधरी उदयभान को हटाकर राव नरेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। वहीं, भूपेंद्र सिंह हुड्डा को विधायक दल का नेता चुना गया। इन फैसलों पर हाईकमान ने यह दांव इस उम्मीद से खेला कि संगठनात्मक मजबूती और जातीय समीकरण साधे जा सकें।
लेकिन अजय यादव के विरोध ने साफ कर दिया है कि पार्टी के भीतर असंतोष की लहर और तेज हो सकती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कांग्रेस हाईकमान इस असंतोष को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है या फिर यह विवाद आगे और गहराता है।
Akhil Mahajan