हरियाणा कैबिनेट के बड़े फैसले: कानून, भर्ती, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव, कई नीतियों को मंजूरी
हरियाणा कैबिनेट बैठक में कानून, भर्ती, स्वास्थ्य, हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। RRTS, मेट्रो और ऑर्बिटल रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई।
■ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले
■ भर्ती नियम, स्वास्थ्य, शिक्षा और हाउसिंग नीतियों में बड़े बदलाव
■ RRTS, मेट्रो और ऑर्बिटल रेल जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
हरियाणा में Nayab Singh Saini की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विकास, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता में इन निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी।
कैबिनेट ने पंजाब न्यायालय अधिनियम, 1918 की धारा-30 में संशोधन को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य कानूनी अस्पष्टता को दूर करना और केंद्रीय कानूनों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करना है। इसके साथ ही Supreme Court of India के निर्देशों के अनुसार हरियाणा सुपीरियर ज्यूडिशियल सेवा नियम, 2007 में भी संशोधन किया गया है। इसमें अलग-अलग भर्ती चैनलों से आने वाले उम्मीदवारों के अनुभव, आयु और योग्यता से जुड़े प्रावधानों को तर्कसंगत बनाया गया है और वरिष्ठता व रोस्टर सिस्टम में भी बदलाव किए गए हैं।
प्रमोशन नीति में बड़ा बदलाव करते हुए मेरिट-कम-सीनियरिटी के तहत प्रमोशन कोटा 65 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती में ढील दी गई है। अब बी-फार्मेसी डिग्री में शामिल 6 माह के प्रशिक्षण को मान्यता देते हुए अलग से प्रशिक्षण की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। इसके साथ ही सीधी भर्ती का कोटा 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत और प्रमोशन का कोटा 25 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
शहरी विकास के क्षेत्र में Mixed Land Use नीति को भी मंजूरी दी गई है। अब आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत उपयोग पर कोई प्रतिशत सीमा नहीं होगी, जबकि 70:30 का अनुपात लागू रहेगा। औद्योगिक इकाइयों को अपने उपयोग में बदलाव की भी अनुमति दी गई है, जिससे रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने Affordable Housing Policy-2013 में संशोधन करते हुए हाउसिंग दरों में औसतन 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। गुरुग्राम में दर 5,575 रुपये प्रति वर्ग फुट, फरीदाबाद और सोहना में 5,450 रुपये, जबकि पंचकूला-पिंजौर-कालका जैसे शहरों में 5,050 रुपये प्रति वर्ग फुट तय की गई है।
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए Industrial Licensing Policy-2015 में भी बदलाव किए गए हैं, जिससे डेवलपर्स पर वित्तीय बोझ कम होगा और व्यापार करना आसान बनेगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत नई O&M नीति लागू की गई है, जिसमें ग्राम पंचायतों को जल शुल्क के बराबर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सरकार ने हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) की संशोधित लागत 5,618 करोड़ से बढ़ाकर 11,709 करोड़ रुपये मंजूर की है। इसके अलावा दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर को भी मंजूरी दी गई है, जिसकी कुल लंबाई 136.30 किलोमीटर होगी और इस पर करीब 33,051 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसके साथ ही रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर (चरण-IV) के लिए भी संशोधित DPR को मंजूरी दी गई है, जिसमें हरियाणा हिस्से में 2.726 किलोमीटर लाइन और दो एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे।
शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेते हुए हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम, 2003 में संशोधन कर कक्षा-1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष तय की गई है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है।
इन सभी फैसलों को प्रदेश के समग्र विकास और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
Akhil Mahajan