हरियाणा में बनेगा एंटी-टेररिस्ट सेल, दिल्ली ब्लास्ट के बाद हरियाणा पुलिस की बड़ी तैयारी
हरियाणा पुलिस जल्द एंटी-टेररिस्ट सेल बनाएगी। सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बाद प्रक्रिया तेज हुई है। एनसीआर के 14 जिलों में विशेष निगरानी और 500 कमांडो की तैनाती की तैयारी पूरी है।
- हरियाणा पुलिस जल्द बनाएगी एंटी टेररिस्ट सेल
- सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल उजागर होने के बाद प्रक्रिया तेज
- एनसीआर के 14 जिलों में विशेष निगरानी और 500 कमांडो तैनात
हरियाणा पुलिस ने राजधानी दिल्ली में बढ़ रही आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। राज्य में जल्द ही एंटी-टेररिस्ट सेल की स्थापना की जाएगी। यह प्रस्ताव लंबे समय से गृह विभाग के पास लंबित था, लेकिन हाल ही में हरियाणा में एक सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल, जिसमें कई डॉक्टर भी शामिल थे, के बड़े खुलासे के बाद पुलिस ने इस प्रस्ताव पर पुनः जोर दिया है। फिलहाल यह मामला अंतिम चरण में है और सरकार स्तर पर प्रस्तुतियाँ और चर्चाएँ तेज कर दी गई हैं।
अब तक हरियाणा में आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित खुफिया जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी सीआईडी पर थी। लेकिन नई व्यवस्था में प्रस्तावित एंटी-टेररिस्ट सेल खुफिया जानकारी जुटाने के साथ-साथ ऑपरेशन चलाने और जांच करने का काम भी करेगी। इससे राज्य में आतंकवाद विरोधी तंत्र को और अधिक सशक्त और तेज बनाने का उद्देश्य है।
राज्य के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि इस सेल का मुख्य उद्देश्य साइबर स्पेस और ज़मीनी स्तर दोनों पर संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करना होगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा से लेकर दिल्ली तक हाल ही में हुई घटनाओं को देखते हुए यह कदम बेहद आवश्यक था। फरीदाबाद में भारी मात्रा में विस्फोटक मिलने और दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके के बाद डीजीपी ने एक अहम बैठक की थी, जिसमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक में एंटी-टेररिस्ट सेल को तुरंत सक्रिय करने की दिशा में तेज़ी लाने पर सहमति बनी।
इस प्रस्ताव के तहत हरियाणा के 14 एनसीआर जिलों—फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, झज्जर सहित—पर विशेष फोकस रखा जाएगा। इन जिलों में 150 से ज्यादा पुलिस थाने हैं और हर थाने में दो सुरक्षा एजेंट नियुक्त हैं। अब प्रत्येक थाने से एक सुरक्षा एजेंट को आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाने के लिए विशेष रूप से तैनात किया जाएगा। यह एजेंट एक वरिष्ठ अधिकारी को रिपोर्ट करेगा और हर सुबह उसे कार्य सौंपे जाएंगे। ऑपरेशन के लिए राज्य के पास 500 प्रशिक्षित कमांडो भी मौजूद हैं।
बीते दिनों डीजीपी ने जांच के हिस्से के रूप में फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी का भी दौरा किया था, जहां उन्होंने चार घंटे से ज्यादा समय बिताया। वहां उन्होंने सुरक्षाकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, छात्रों, स्थानीय ग्रामीणों और मस्जिद के मौलवी के परिवार से बातचीत की। इसके बाद डीजीपी ने डीसी और सीपी के साथ संयुक्त बैठक कर घटनास्थल का स्वयं निरीक्षण करने और लापता शिक्षकों की तलाश तेज करने के निर्देश दिए।
हरियाणा में आतंकी गतिविधियों के बढ़ते संकेतों के बीच एंटी-टेररिस्ट सेल का गठन राज्य की सुरक्षा रणनीति में एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इसके ढांचे और संचालन तंत्र को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
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