MLA आवास के बाहर छात्राओं का धरना: माइग्रेशन न मिलने पर फूटा गुस्सा, किसान नेताओं का समर्थन
नारनौंद स्थित निजी नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने माइग्रेशन सर्टिफिकेट न मिलने के विरोध में हांसी में विधायक विनोद भयाना के आवास के बाहर धरना दिया। किसान नेताओं ने समर्थन देते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
➤ निजी नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं MLA आवास के बाहर धरने पर बैठीं
➤ वादा पूरा न होने पर काले कपड़ों में प्रदर्शन, पुलिस बल तैनात
➤ किसान व खाप नेताओं ने चेतावनी दी, समाधान न हुआ तो आंदोलन तेज
हांसी में शुक्रवार को उस समय माहौल गरमा गया जब नारनौंद स्थित एक निजी नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं माइग्रेशन सर्टिफिकेट न मिलने के विरोध में स्थानीय विधायक विनोद भयाना के आवास के बाहर धरने पर बैठ गईं। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें वीरवार तक माइग्रेशन दिलाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया।
धरने को देखते हुए मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। डीएसपी विनोद शंकर और एसएचओ सुखजीत पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। हालांकि विधायक अपने आवास पर मौजूद बताए जा रहे हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक छात्राओं और विधायक के बीच सीधी बातचीत नहीं हो सकी।
वादे के बावजूद नहीं मिला माइग्रेशन
छात्राओं का कहना है कि वे पिछले दो दिनों से विधायक से संपर्क कर रही थीं और उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि वीरवार तक माइग्रेशन लेटर जारी हो जाएगा। लेकिन समयसीमा गुजरने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मजबूर होकर उन्हें धरने का रास्ता अपनाना पड़ा।
छात्राओं ने स्पष्ट कहा है कि जब तक माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी नहीं होता, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगी।
किसान और खाप प्रतिनिधि भी पहुंचे समर्थन में
धरने के दौरान किसान नेता सुरेश कोथ, दशरथ मलिक, कैलाश मलिक समेत कई खाप प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और छात्राओं के समर्थन में खड़े नजर आए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और संबंधित पक्षों ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि छात्राओं की मांग जायज है और उनके भविष्य से जुड़ा यह मुद्दा गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
बढ़ सकता है आंदोलन
धरना स्थल पर छात्राओं का उत्साह और समर्थन देखने को मिला। काले कपड़ों में पहुंचीं छात्राओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखी। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद माहौल शांत रहा, लेकिन छात्राओं के तेवर साफ संकेत दे रहे हैं कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो यह विरोध प्रदर्शन बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
अब सभी की नजरें विधायक और प्रशासन की अगली पहल पर टिकी हैं।
Akhil Mahajan