"पंजाब CM VIDEO पर नया खुलासा!", होटल मीटिंग और 10 लाख की डील का दावा
पंजाब CM भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो मामले में गुरुग्राम के होटल में सीक्रेट मीटिंग, CCTV फुटेज और 10 लाख की डील के दावे सामने आए हैं।
पंजाब CM भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो मामले में नया खुलासा होने का दावा
• गुरुग्राम के फाइव स्टार होटल में सीक्रेट मीटिंग और 10 लाख रुपए की डील का आरोप
• CCTV फुटेज और व्हाट्सएप चैट सामने आने का दावा, पुलिस पहले ही दर्ज कर चुकी FIR
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो को लेकर चल रहे विवाद में एक नया मोड़ सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो को डीपफेक साबित करने के लिए गुरुग्राम के एक फाइव स्टार होटल में सीक्रेट मीटिंग हुई थी। इस कथित मीटिंग का CCTV फुटेज और कुछ व्हाट्सएप चैट्स
भी सामने आने का दावा किया गया है।
हालांकि, सामने आए CCTV फुटेज और व्हाट्सएप चैट्स की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दैनिक भास्कर भी इन दावों और दस्तावेजों की पुष्टि नहीं करता है।
जानकारी के अनुसार 16 जून 2026 को गुरुग्राम के पॉश इलाके स्थित होटल क्राउन प्लाजा में कथित रूप से एक बैठक आयोजित की गई थी। आरोप है कि इस बैठक में पंजाब के कुछ अधिकारी, शिकायतकर्ता और अन्य लोग शामिल थे। दावा किया जा रहा है कि बैठक का उद्देश्य मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो से जुड़ी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाना था।
मामले में गुरुग्राम पुलिस पहले ही दो युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है। वहीं शिकायतकर्ता और खुद को फोरेंसिक एक्सपर्ट बताने वाले जसप्रीत सिंह ने एक वीडियो जारी कर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि पंजाब पुलिस के दो अधिकारियों ने उनसे संपर्क कर वीडियो को डीपफेक बताने वाली रिपोर्ट तैयार करवाने के लिए 10 लाख रुपए की डील की थी।
जसप्रीत सिंह का आरोप है कि उनके माध्यम से साइबर यान और सिफर सेंटिनल लैब से रिपोर्ट तैयार करवाई गई थी। उन्होंने दावा किया कि ये दोनों लैब सरकारी मान्यता प्राप्त फोरेंसिक लैब नहीं हैं, बल्कि साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी निजी संस्थाएं हैं जो तकनीकी राय देती हैं।
सामने आए कथित CCTV फुटेज में पांच लोगों के एक साथ बैठकर बातचीत करने का दावा किया गया है। आरोप है कि इनमें दो मुख्य आरोपी, एक शिकायतकर्ता और पंजाब के दो वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। यह भी दावा किया जा रहा है कि बैठक में जांच को प्रभावित करने और मुख्यमंत्री के पक्ष में रिपोर्ट तैयार करवाने को लेकर चर्चा हुई थी।
इसके अलावा कुछ कथित व्हाट्सएप चैट्स भी सामने आई हैं। इन चैट्स में रिपोर्ट के कुछ हिस्सों में बदलाव कराने, तकनीकी ऑब्जर्वेशन जोड़ने, निष्कर्ष को संशोधित करने और कुछ पैराग्राफ हटाने जैसी बातें होने का दावा किया गया है। हालांकि इन चैट्स की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वीडियो जारी कर जसप्रीत सिंह ने दावा किया कि 15 जून को उनके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को पंजाब पुलिस का एसपी बताया और मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े वायरल वीडियो पर फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने की बात कही।
जसप्रीत के अनुसार उन्होंने खुद को डिजिटल ऑडियो-वीडियो फोरेंसिक का विशेषज्ञ नहीं बताया, लेकिन बाद में उनसे अन्य विशेषज्ञों के संपर्क उपलब्ध कराने को कहा गया। उनका दावा है कि इसके बाद उन्हें गुरुग्राम बुलाया गया और होटल क्राउन प्लाजा में बैठक कराई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान उन्हें वीडियो सैंपल उपलब्ध कराए गए और कुछ विशेषज्ञों से तकनीकी राय लेने को कहा गया। जसप्रीत का दावा है कि शुरुआती रिपोर्ट आने के बाद उसमें कुछ बदलाव करवाए गए और फिर उसे अंतिम रूप दिया गया।
जसप्रीत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि अगले दिन उन्हें एक सरकारी वाहन के पास 10 लाख रुपए दिए गए, जिसमें उनकी और अन्य विशेषज्ञों की फीस शामिल थी। उनका कहना है कि बाद में उन्हें पता चला कि जिस रिपोर्ट को केवल आंतरिक उपयोग के लिए बताया गया था, उसे सार्वजनिक रूप से इस्तेमाल किया गया।
वीडियो के अंत में जसप्रीत सिंह ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें संबंधित अधिकारियों से खतरा महसूस हो रहा है और सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उधर, इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
pooja