दिल्ली-NCR में BS-III और BS-IV डीजल वाहनों की एंट्री बैन, सिर्फ BS-VI वाहनों को अनुमति

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दिल्ली-NCR में BS-III और BS-IV डीजल वाहनों की एंट्री बैन, सिर्फ BS-VI वाहनों को अनुमति

➤ दिल्ली-NCR में BS-III और BS-IV डीजल वाहनों की एंट्री पर रोक, सिर्फ BS-VI, CNG, LNG, इलेक्ट्रिक वाहनों को अनुमति
हरियाणा से आने वाले पुराने वाहन बॉर्डर से लौटाए जाएंगे, सिर्फ आवश्यक वस्तुओं वाले वाहनों को अस्थायी छूट
गुरुग्राम और सोनीपत प्रशासन सख्त, लेकिन बहादुरगढ़ में अब तक कोई औपचारिक निर्देश नहीं जारी


दिल्ली-NCR में बढ़ते एयर पॉल्यूशन को देखते हुए अब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आज यानी 1 नवंबर से BS-III और BS-IV डीजल वाहनों की एंट्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब केवल BS-VI, CNG, LNG और इलेक्ट्रिक वाहन ही दिल्ली में प्रवेश कर सकेंगे। यह आदेश वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के बाद लागू किया गया है।

दिल्ली पुलिस और ट्रांसपोर्ट विभाग की संयुक्त टीमें दिल्ली से सटे सभी बॉर्डर पॉइंट्स पर तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी पुराने वाहन को दिल्ली में घुसने से रोका जा सके। हरियाणा की तरफ से आने वाले पुराने मानकों वाले डीजल वाहनों को बॉर्डर से ही वापस लौटाया जाएगा। हालांकि, दूध, सब्जियां, दवाइयां, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुएं लाने-ले जाने वाले गैर-BS-VI वाहनों को 31 अक्टूबर 2026 तक अस्थायी छूट दी गई है।

हरियाणा ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अतुल द्विवेदी ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र द्वारा जारी निर्देशों को फॉलो कर रही है और इसे सख्ती से लागू किया जाएगा। आयोग के आदेशों के बाद हरियाणा की ओर से एक पब्लिक नोटिस जारी किया गया है, जिसमें सभी वाहन मालिकों, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों, लॉजिस्टिक एजेंसियों और इन्फोर्समेंट अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित टाइमलाइन का पालन करें।

गुरुग्राम जिला परिवहन अधिकारी परमजीत चहल ने बताया कि अब यह नियम दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा के NCR जिलों में भी लागू कर दिया गया है। गुरुग्राम में शनिवार से ही टीमों को तैनात कर दिया गया था ताकि दिल्ली की सीमा पर BS-III और BS-IV वाहनों की एंट्री को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि सभी बड़े ट्रांसपोर्टर और लॉजिस्टिक कंपनियों को नोटिस भेजा गया है कि वे अपने वाहनों को नए मानकों के अनुरूप तैयार करें।

सोनीपत पुलिस ने भी इस आदेश को लेकर ट्रांसपोर्टरों और वाहन चालकों को जागरूक करने के निर्देश जारी किए हैं। पुलिस प्रवक्ता ASI रविंद्र सिंह ने बताया कि जिले के सभी थानों और ट्रैफिक इकाइयों को कहा गया है कि वे इस आदेश की जानकारी जनता और ट्रांसपोर्ट संगठनों तक पहुंचाएं। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में फिलहाल कोई औपचारिक निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। यहां देश की सबसे बड़ी फुटवियर इंडस्ट्रीज हैं, जिनमें दिल्ली के कई कारोबारी भी शामिल हैं। बहादुरगढ़ की लगभग 10 ट्रांसपोर्ट यूनियनों के पास 7,000 से अधिक मालवाहक वाहन हैं, जिनमें सिर्फ 25% BS-VI मानक के हैं।
हरे कृष्णा ट्रेलर यूनियन के प्रधान राजेश दलाल के अनुसार, हरियाणा में करीब 8 लाख मालवाहक गाड़ियां हैं जिनमें से 20% BS-III, 30% BS-IV, और 50% BS-VI हैं। नए नियमों से प्रदेश की लगभग 20% गाड़ियां सीधा प्रभावित होंगी, जिससे परिवहन व्यवसाय पर असर पड़ सकता है।

क्यों लिया गया फैसला:
दिल्ली में दिवाली से पहले वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था। 19 अक्टूबर से GRAP-2 पाबंदियां लागू कर दी गई थीं। दिल्ली में रोजाना हजारों ट्रक और कॉमर्शियल गाड़ियां आती हैं, जिनमें से लगभग 40% पुरानी डीजल गाड़ियां हैं। ये गाड़ियां सबसे ज्यादा धुआं और प्रदूषण फैलाती हैं
बॉर्डर पर जब इन गाड़ियों की जांच होती है तो लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है और इंजन चलते रहने से हवा में धुआं और जहरीले तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। इसलिए अब सरकार ने निर्णय लिया है कि BS-VI से नीचे वाले डीजल वाहन दिल्ली-NCR में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।

सरकार का उद्देश्य साफ है — प्रदूषण घटाना, हवा साफ रखना और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण देना।