CM सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाने पर 12 कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं पर केस, सुरक्षा चूक पर पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई
गुरुग्राम में CM नायब सिंह सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाने और नारेबाजी पर 12 कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं पर केस, कई गिरफ्तार और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
➤ काफिले के सामने नारेबाजी और काले झंडे दिखाने पर 12 कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता नामजद
➤ सरकारी ड्यूटी में बाधा और VIP सुरक्षा प्रभावित करने के आरोप में जांच शुरू
गुरुग्राम। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गुरुग्राम दौरे के दौरान उनके काफिले को काले झंडे दिखाने और नारेबाजी करने का मामला अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुख्यमंत्री के काफिले की सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने और सरकारी ड्यूटी को प्रभावित करने के आरोप में 12 नामजद कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नामजद आरोपियों में से कई को गिरफ्तार भी किया गया है।
पुलिस के अनुसार मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुख्यमंत्री के काफिले के सामने पहुंचकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाए गए। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर से निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था और निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके चलते मुख्यमंत्री की VIP सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई।
मामले में वर्धन यादव, पंकज डावर, हरकेश, अमन प्रजापत, राजीव यादव, नीरज यादव, विकास हुड्डा, मुकेश डागर, शिव, निखिल, अनुज और डॉ. हरेन्द्र सहरावत को नामजद किया गया है। सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने और VIP सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री के काफिले के सामने प्रदर्शन से बढ़ी सुरक्षा की चिंता
मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान सुरक्षा घेरा प्रभावित होने की घटना को पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद काफिले के सामने पहुंचकर नारेबाजी और विरोध किया। इसी आधार पर मामले को केवल राजनीतिक विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे मुख्यमंत्री की सुरक्षा और सरकारी ड्यूटी में बाधा से जोड़कर जांच शुरू की गई है।
घटना के बाद पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक को भी गंभीरता से लिया है। मामले में कई पुलिसकर्मियों और संबंधित थाना प्रभारी (SHO) को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि मुख्यमंत्री के काफिले की सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल के बावजूद प्रदर्शनकारी काफिले के इतने करीब तक कैसे पहुंच गए।
नामजद आरोपियों की धरपकड़ जारी
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों की तलाश तेज कर दी। पुलिस की कार्रवाई में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उपलब्ध रिपोर्टों में गिरफ्तार किए गए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में आठ गिरफ्तारी, जबकि अन्य में नौ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का उल्लेख किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत पेश किया गया।
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम को जोड़ने के लिए मौके पर मौजूद लोगों, उपलब्ध वीडियो फुटेज और प्रदर्शन के दौरान हुई गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा किस तरह पार किया और मुख्यमंत्री के काफिले तक पहुंचने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई।
कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन से राजनीतिक माहौल गरम
मुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाने की घटना के बाद गुरुग्राम में राजनीतिक टकराव का माहौल भी गरमा गया है। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से किया गया विरोध प्रदर्शन सामने आने के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
दूसरी ओर, पुलिस ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की बाधा को गंभीर मामला मानते हुए जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रदर्शन की पहले से कोई योजना थी या विरोध प्रदर्शन मौके पर अचानक हुआ।
इसके साथ ही जांच में यह भी देखा जा रहा है कि प्रदर्शन में कौन-कौन लोग शामिल थे और नामजद किए गए सभी आरोपी घटना के समय मौके पर मौजूद थे या नहीं। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और वीडियो फुटेज के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
सुरक्षा में चूक पर पुलिस विभाग की भी जवाबदेही
इस पूरे मामले में कार्रवाई केवल प्रदर्शनकारियों तक सीमित नहीं रही है। मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में चूक को लेकर पुलिस विभाग की जवाबदेही भी तय की जा रही है। मुख्यमंत्री जैसे VIP के काफिले के दौरान सुरक्षा घेरा प्रभावित होना पुलिस के लिए गंभीर विषय माना जाता है। इसी वजह से कई पुलिसकर्मियों और संबंधित SHO के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
अब जांच दो स्तरों पर आगे बढ़ रही है। एक तरफ पुलिस नामजद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों से हुई संभावित चूक की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल नामजद आरोपियों की धरपकड़ और मामले की जांच जारी है।
Akhil Mahajan