मुख्यमंत्री बोले पुलिस केवल कानून नहीं भरोसे की भी रक्षक

राज्य स्तरीय सुरक्षा सम्मेलन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्मार्ट, पारदर्शी और जनकेंद्रित पुलिसिंग पर जोर दिया। हॉटस्पॉट डोमिनेशन अभियान और नशे के खिलाफ कार्रवाई की सराहना की।

मुख्यमंत्री बोले पुलिस केवल कानून नहीं भरोसे की भी रक्षक
  • मुख्यमंत्री ने स्मार्ट, पारदर्शी और जनकेंद्रित पुलिसिंग पर दिया जोर
  • हॉटस्पॉट डोमिनेशन अभियान से अपराधियों में खौफ, सीएम की सराहना
  • नशे के खिलाफ सख्ती के साथ जनजागरूकता जरूरी, मुख्यमंत्री का संदेश


हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पुलिस का कार्य केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिक के मन में सुरक्षा, भरोसे और न्याय का विश्वास पैदा करना भी पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यही विश्वास लोकतंत्र की सबसे बड़ी पूंजी है।

मुख्यमंत्री पंचकूला में ‘विकसित भारत-सुरक्षा आयाम’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय सुरक्षा सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे थे। इस सम्मेलन में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों, पुलिस महानिरीक्षकों, कमिश्नरों, पुलिस अधीक्षकों और भारत सरकार के प्रतिनिधियों सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का विकास तभी संभव है जब कानून व्यवस्था मजबूत, निष्पक्ष और प्रभावी हो। निवेश, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास की हर पहल पुलिस की दक्षता, ईमानदारी और पेशेवर क्षमता से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। उन्होंने अधिकारियों को केवल कानून के रक्षक नहीं, बल्कि सुशासन और सामाजिक स्थिरता की आधारशिला बताया।

उन्होंने फील्ड में दिन रात काम कर रहे हरियाणा पुलिस के जवानों और अधिकारियों के साहस, समर्पण और अनुशासन की सराहना की। मुख्यमंत्री ने नवंबर में रायपुर में आयोजित पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन का भी उल्लेख किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया था। उन्होंने कहा कि उस सम्मेलन में दिए गए विचार राज्य स्तर पर पुलिस रणनीति को नई दिशा देने वाले हैं।

ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान से अपराधियों के मन में खौफ पैदा हुआ है। उन्होंने बताया कि 12 दिनों में 2 हजार से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी की गई। वहीं ऑपरेशन ट्रेक टाउन के तहत 23 दिनों में 7 हजार 587 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 168 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय तकनीक का है और पुलिस को आधुनिक तकनीक से अपडेट रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने अपराध संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के बाद आम नागरिक की सबसे बड़ी अपेक्षा न्याय की होती है और इस विश्वास को हर हाल में कायम रखना होगा।

नशे के खिलाफ अभियान पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे पर लगाम लगाने के लिए कड़े कदमों के साथ साथ समाज को जागरूक करना भी जरूरी है। सरकार द्वारा साइक्लोथोन, मैराथन और अन्य नशामुक्ति कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

सम्मेलन में गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा ने बताया कि पिछले वर्ष की डीजी और आईजी कांफ्रेंस की 108 सिफारिशों को लागू कर दिया गया है। इस वर्ष रखी गई 107 सिफारिशों को भी तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने और 5750 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया की जानकारी दी।

पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि अपराध से निपटने में तकनीक की भूमिका बेहद अहम है। सीसीटीवी और अन्य तकनीकी साधनों से बड़े मामलों को सुलझाने में सफलता मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।