मृतकों के प्लॉट बेचने का मामला: भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई की बहन व जीजा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, भांजी का नाम भी शामिल

गुरुग्राम कोर्ट ने भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई की बहन रोशनी और जीजा अनूप बिश्नोई के खिलाफ ₹4 करोड़ की प्लॉट धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को आदेश दिए कि दोनों को अदालत में पेश किया जाए।

मृतकों के प्लॉट बेचने का मामला: भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई की बहन व जीजा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, भांजी का नाम भी शामिल

➤ भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई की बहन-जीजा पर कोर्ट सख्त, गिरफ्तारी के आदेश जारी
➤ मृतक लोगों के नाम पर प्लॉट बेचकर ₹4 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला
➤ कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर को दिए आदेश—दोनों को पेश किया जाए


हरियाणा की राजनीति में बड़ा नाम माने जाने वाले भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई की बहन रोशनी बिश्नोई और जीजा अनूप बिश्नोई की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गुरुग्राम की एक कोर्ट ने दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया है कि उन्हें तुरंत अदालत में पेश किया जाए। यह मामला दो मृत व्यक्तियों के नाम पर प्लॉट बेचकर ₹4 करोड़ की धोखाधड़ी से जुड़ा है।
कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि आरोपी लंबे समय से जांच से बच रहे हैं, इसलिए अब पुलिस को सीधे कार्रवाई करनी होगी।

शिकायतकर्ता धर्मवीर, जो प्लॉट मालिकों में से एक का बेटा है, ने बताया कि उसके पिता और एक अन्य व्यक्ति की मौत के बाद उनके नाम पर मौजूद जमीन के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर सौदा कर दिया गया। इस मामले में पहले थाने में शिकायत दी गई, लेकिन कार्रवाई न होने पर धर्मवीर ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने FIR दर्ज की, जिसमें रोशनी बिश्नोई, उनके पति अनूप बिश्नोई, और बेटी सुरभि बिश्नोई के नाम सामने आए। सुरभि भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई की भांजी हैं।

एडवोकेट प्रवीण दहिया के मुताबिक, यह धोखाधड़ी साल 2016-17 में की गई थी।आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर दो प्लॉटों का सौदा किया — एक की कीमत ₹2.42 करोड़ और दूसरे की ₹1.59 करोड़ बताई जा रही है। जांच के दौरान यह सामने आया कि सौदे करवाने वाला विकास नामक व्यक्ति के पिता हरियाणा में डीआरओ (डिप्टी रजिस्ट्रार ऑफिसर) के पद पर थे। विकास को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि बाकी आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं।

एडवोकेट दहिया ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में असली गुनहगारों ने गरीब व्यक्तियों के नामों का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज बनाए, और जब मामला खुला तो उन्हीं निर्दोष लोगों को गिरफ्तार करा दिया गया। उन्होंने कहा कि यह केस हरियाणा की प्रभावशाली राजनीतिक फैमिली से जुड़ा है, इसलिए अब तक कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस केस में अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि, मुख्य आरोपी — रोशनी, अनूप और सुरभि बिश्नोई — अभी तक गिरफ्तारी से बचते फिर रहे हैं। कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर अगली तारीख तक आरोपी पेश नहीं किए गए, तो पुलिस कमिश्नर व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होंगे।