एसआई संदीप मौत मामला: परिवार और प्रशासन में बनी सहमति, जुलाना में अंतिम संस्कार

रोहतक में एएसआई संदीप मौत मामले में परिवार और प्रशासन में सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परिवार से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। कल 12:30 बजे जुलाना (जींद) में अंतिम संस्कार होगा।

एसआई संदीप मौत मामला: परिवार और प्रशासन में बनी सहमति, जुलाना में अंतिम संस्कार

रोहतक में एएसआई संदीप मौत मामले में परिवार और प्रशासन के बीच बनी सहमति
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परिजनों से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया
कल दोपहर 12:30 बजे जींद के जुलाना में होगा अंतिम संस्कार


हरियाणा पुलिस के एएसआई संदीप कुमार लाठर की आत्महत्या मामले में गतिरोध अब थमता नजर आ रहा है। बुधवार देर शाम तक चले वार्तालाप के बाद परिवार और प्रशासन के बीच सहमति बन गई है। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, जबकि अंतिम संस्कार कल दोपहर 12:30 बजे उनके पैतृक गांव जुलाना (जिला जींद) में किया जाएगा।

इससे पहले सुबह तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही थी। परिवार ने स्पष्ट कर दिया था कि जब तक सुसाइड नोट में नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, तब तक शव पुलिस को नहीं सौंपा जाएगा। संदीप का शव लाढ़ौत गांव स्थित मामा के घर पर रखा गया था, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार के समर्थन में जुटे हुए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं संदीप के घर पहुंचे और परिवार के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने निष्पक्ष जांच का वादा किया और भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री की इस पहल के बाद परिवार थोड़ा नरम पड़ा और प्रशासन के साथ सहमति बनने की स्थिति बनी।

परिवार का आरोप है कि संदीप कुमार ने आत्महत्या से पहले चार पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उन्होंने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और दिवंगत आईपीएस वाई. पूरन कुमार के सहयोगियों पर भ्रष्टाचार और जातिगत उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। परिजनों की मांग थी कि इन आरोपों पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और निष्पक्ष जांच शुरू की जाए।

संदीप के चचेरे भाई संजय ने कहा कि “हम तब तक शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं देंगे जब तक सुसाइड नोट में जिनका नाम है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाती। हमारे भाई ने भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए अपनी जान दी है।

मंगलवार देर रात एएसपी प्रतीक अग्रवाल, एसडीएम आशीष कुमार और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी लाढ़ौत गांव पहुंचकर परिवार को मनाने की कोशिश की, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

घटना मंगलवार दोपहर की है जब एएसआई संदीप कुमार, जो रोहतक एसपी कार्यालय के साइबर सेल में तैनात थे, ने गांव के बाहरी क्षेत्र में स्थित एक कमरे में अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मार ली थी। मौके से चार पन्नों का सुसाइड नोट और एक 6 मिनट 28 सेकंड का वीडियो मिला है, जिसमें संदीप ने डीजीपी शत्रुजीत कपूर और पूर्व एसपी नरेंद्र बिजारनिया की ईमानदारी की सराहना की है। यह वीडियो अब पुलिस जांच के दायरे में है।

गौरतलब है कि इससे पहले दिवंगत आईपीएस वाई. पूरन कुमार ने भी 7 अक्तूबर को चंडीगढ़ में आत्महत्या की थी और अपने सुसाइड नोट में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी पर गंभीर आरोप लगाए थे। दोनों मामलों ने हरियाणा पुलिस महकमे में भारी हलचल मचा दी है और अब विभागीय पारदर्शिता व निष्पक्ष जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।