अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची दिल्ली पुलिस, वीसी ने दी सफाई-ड्यूटी के अलावा डॉक्टरों से संबंध नहीं

दिल्ली ब्लास्ट और फरीदाबाद विस्फोटक केस में अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम आया, दिल्ली पुलिस जांच में जुटी, नूंह का मौलवी गिरफ्तार।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची दिल्ली पुलिस, वीसी ने दी सफाई-ड्यूटी के अलावा डॉक्टरों से संबंध नहीं

➤दिल्ली ब्लास्ट और फरीदाबाद विस्फोटक केस में जुड़े अल-फलाह यूनिवर्सिटी के नाम
➤VC का बयान – डॉक्टरों की ड्यूटी के अलावा यूनिवर्सिटी का कोई संबंध नहीं
➤नूंह के मौलवी इश्तियाक को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर श्रीनगर ले जाया गया


दिल्ली में हुए धमाके और फरीदाबाद में बरामद 2900 किलो विस्फोटक के बीच अब सीधा कनेक्शन सामने आया है। जांच में दोनों मामलों की कड़ी फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ती दिखाई दे रही है। इसी यूनिवर्सिटी के दो डॉक्टर – डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. शाहीन सईद को हिरासत में लिया गया है, जबकि तीसरा नाम डॉ. उमर नबी का सामने आया है, जिसने खुद को विस्फोटक के साथ उड़ा लिया था।

बुधवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पहली बार इस मामले में बयान जारी किया। वाइस चांसलर प्रो. भूपिंदर कौर आनंद ने कहा कि गिरफ्तार डॉक्टरों की गतिविधियाँ केवल उनकी ड्यूटी तक सीमित थीं, यूनिवर्सिटी का किसी भी आतंकी या गैरकानूनी गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि “हमारी लैब में सिर्फ MBBS छात्रों को पढ़ाने और ट्रेनिंग देने का काम होता है। यूनिवर्सिटी के अंदर कोई भी केमिकल या विस्फोटक स्टोर नहीं किया गया।”

उधर, फरीदाबाद क्राइम ब्रांच के एसीपी वरुण दहिया के नेतृत्व में बुधवार को टीमें फिर से अल-फलाह यूनिवर्सिटी और धौज गांव में डॉ. मुजम्मिल के ठिकानों पर पहुंचीं। जांच में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीमें भी शामिल रहीं।


मौलवी इश्तियाक गिरफ्तार

इस केस में बड़ा मोड़ तब आया जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मौलवी इश्तियाक को गिरफ्तार किया। इश्तियाक वही व्यक्ति है जिसने फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव में अपना मकान डॉ. मुजम्मिल को किराए पर दिया था।
9 नवंबर को इसी घर से 2563 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था। इश्तियाक मूल रूप से नूंह जिले के सिंगार गांव का रहने वाला है और मस्जिद में इमाम है। उसे यूनिवर्सिटी की तरफ से करीब 9 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता था।

सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले मुजम्मिल 15 दिन की छुट्टी लेकर पुलवामा गया था, जहाँ उसने अपने संपर्कों से मुलाकात कर विस्फोटक जुटाया। लौटने के बाद वह फतेहपुर तगा के इसी मकान में रह रहा था।

फरीदाबाद में फतेहपुर तगा गांव में मौलवी का घर। यहां से पुलिस को 2563 किलो विस्फोटक मिला था।


यूनिवर्सिटी में सुरक्षा कड़ी

अल-फलाह यूनिवर्सिटी में बुधवार से सख्त चेकिंग शुरू कर दी गई है। अब केवल पूछताछ और पहचान की पुष्टि के बाद ही किसी को अंदर जाने दिया जा रहा है। मेडिकल विभाग में आने-जाने वालों की विशेष निगरानी की जा रही है।


शाहीन सईद से संबंधों की चर्चा

धौज गांव में रहने वाले स्थानीय लोगों ने बताया कि डॉ. मुजम्मिल को अक्सर डॉ. शाहीन सईद के साथ आते-जाते देखा जाता था। दोनों को आखिरी बार करीब एक महीने पहले एक साथ कमरे पर देखा गया था।