हिंदी सिनेमा सबसे मुश्किल!दृश्यम 3 से पहले अजय देवगन का बड़ा बयान
अजय देवगन ने हिंदी सिनेमा को सबसे मुश्किल बताया। बोले, हर 80-90 किलोमीटर पर भाषा और सोच बदलती है। ‘दृश्यम 3’ 2 अक्टूबर को रिलीज होगी।
अजय देवगन ने हिंदी फिल्में बनाने को बताया सबसे मुश्किल काम
➤ बोले- हर 80-90 किलोमीटर पर बदल जाती है भाषा और सोच
➤ ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में होगी रिलीज
एंटरटेनमेंट डेस्क। अभिनेता अजय देवगन ने हिंदी सिनेमा की चुनौतियों पर खुलकर बात की है। तीन दशक लंबे फिल्मी करियर वाले अजय देवगन हाल ही में फिक्की (FICCI) के एक दो दिवसीय समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने 1990 के दशक के सिंगल स्क्रीन दौर से लेकर मल्टीप्लेक्स के बढ़ते प्रभाव और मौजूदा समय में सिनेमाघरों, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, शहरों, कस्बों और सोशल मीडिया में आए बदलावों पर अपनी बात रखी।
अजय देवगन ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर हिंदी फिल्म बनाना सबसे मुश्किल लगता है, क्योंकि इसमें यह तय करना आसान नहीं होता कि फिल्म का वास्तविक दर्शक वर्ग कौन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी दूसरी भाषा के सिनेमा से श्रेय नहीं छीन रहे हैं और हर तरह के सिनेमा में फिल्म बनाना चुनौतीपूर्ण है। लेकिन हिंदी फिल्मों के मामले में दर्शकों की विविधता इसे और जटिल बना देती है।
अजय देवगन बोले- हिंदी फिल्म के दर्शक को समझना मुश्किल
फिक्की के समारोह में हिंदी सिनेमा पर बात करते हुए अजय देवगन ने कहा कि किसी अन्य सिनेमा को कमतर आंकने की उनकी मंशा नहीं है। उनके मुताबिक, पारंपरिक या अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा में भी फिल्म बनाना उतना ही मुश्किल है, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत तौर पर हिंदी फिल्म बनाना सबसे कठिन लगता है।
उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि हिंदी फिल्म बनाते समय यह पता लगाना मुश्किल होता है कि उसके दर्शक कौन हैं। हिंदी सिनेमा का दर्शक एक समान नहीं है और अलग-अलग इलाकों में उसकी पसंद, सोच और फिल्म देखने का तरीका अलग हो सकता है।
पंजाबी, तेलुगु और तमिल फिल्मों के दर्शक वर्ग को लेकर कही यह बात
अजय देवगन ने दूसरी भाषाओं की फिल्मों का उदाहरण देते हुए अपनी बात समझाई। उन्होंने कहा कि जब कोई पंजाबी, तेलुगु या तमिल फिल्म बनाई जाती है तो उसके दर्शक वर्ग को समझना अपेक्षाकृत स्पष्ट होता है, क्योंकि फिल्म एक खास क्षेत्र और भाषा से जुड़े लोगों के लिए बनाई जाती है।
ऐसे में फिल्म बनाने वालों को उस क्षेत्र के दर्शकों की पसंद का अंदाजा होता है और उसी दर्शक वर्ग को ध्यान में रखकर कहानी और फिल्म तैयार की जाती है।
इसके उलट हिंदी फिल्मों के सामने दर्शकों की विविधता एक बड़ी चुनौती है। अजय देवगन के मुताबिक, हिंदी फिल्म के लिए अच्छा प्रदर्शन करना इसलिए मुश्किल हो सकता है क्योंकि हर 80-90 किलोमीटर पर भाषा और सोच बदल जाती है।
शहरों से कस्बों तक अलग-अलग होती है दर्शकों की पसंद
अजय देवगन ने कहा कि हिंदी सिनेमा के दर्शकों को केवल भाषा के आधार पर एक वर्ग में नहीं रखा जा सकता। इसमें अलग-अलग तरह के जनसमूह और वर्ग शामिल हैं। इसके अलावा शहरों, शहरी क्षेत्रों और कस्बों के दर्शकों की पसंद भी अलग हो सकती है।
उन्होंने उपनगरों और अन्य क्षेत्रों के दर्शकों का भी जिक्र किया। यही विविधता हिंदी फिल्मों के निर्माताओं के लिए चुनौती पैदा करती है, क्योंकि एक फिल्म को अलग-अलग क्षेत्रों और अलग-अलग तरह के दर्शकों की पसंद के अनुरूप स्वीकार्यता हासिल करनी होती है।
अजय देवगन की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब हिंदी सिनेमा लगातार बदलते दर्शक व्यवहार, मल्टीप्लेक्स, ओटीटी और सोशल मीडिया के दौर से गुजर रहा है।
तीन दशक के करियर में कई दौर देख चुके हैं अजय देवगन
अजय देवगन का फिल्मी सफर करीब तीन दशक लंबा रहा है। अपने करियर के दौरान उन्होंने सिंगल स्क्रीन के दौर से लेकर मल्टीप्लेक्स और अब स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव तक सिनेमा में आए बदलावों को देखा है।
फिक्की के समारोह में उन्होंने इसी बदलाव के संदर्भ में हिंदी सिनेमा के सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने 1990 के दशक के सिंगल स्क्रीन युग से लेकर वर्तमान समय में सिनेमाघरों, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, शहरों, कस्बों और सोशल मीडिया के बदलते प्रभाव पर भी बात की।
‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ में फिर विजय सलगांवकर बनेंगे अजय देवगन
अजय देवगन जल्द ही ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ में नजर आने वाले हैं। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी इस फिल्म में वह फ्रैंचाइजी के मुख्य किरदार विजय सलगांवकर के रूप में वापसी कर रहे हैं।
फिल्म की कास्ट में तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव, रजत कपूर, प्रकाश राज और जयदीप अहलावत भी शामिल हैं।
‘दृश्यम 3’ को इस फ्रैंचाइजी का आखिरी चैप्टर बताया गया है। फिल्म में विजय और उसका परिवार एक बार फिर उन परिस्थितियों और घटनाओं का सामना करेगा, जिन्होंने इस सीरीज की कहानी को आकार दिया है।
2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी ‘दृश्यम 3’
अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म की रिलीज से पहले अजय देवगन की हिंदी सिनेमा को लेकर कही गई बात ने एक बार फिर अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों के दर्शकों की विविधता पर चर्चा को सामने ला दिया है।
फिल्म में विजय सलगांवकर के किरदार में अजय देवगन की वापसी के साथ फ्रैंचाइजी के अंतिम अध्याय को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
Akhil Mahajan