चैनत विवाद पर इनेलो शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में, हजारों कार्यकर्ताओं संग जाएंगे अभय चौटाला

इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला 5 जुलाई को हजारों कार्यकर्ताओं के साथ चैनत गांव जाएंगे। उन्होंने बीजेपी सरकार पर पानी के मुद्दे पर राजनीति करने और कई मामलों की हाईकोर्ट जांच की मांग उठाई।

चैनत विवाद पर इनेलो  शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में, हजारों कार्यकर्ताओं संग जाएंगे अभय चौटाला

5 जुलाई को हजारों कार्यकर्ताओं के साथ चैनत गांव पहुंचेंगे अभय चौटाला
बीजेपी पर गांव और शहर के लोगों को बांटने की राजनीति का लगाया आरोप
CM को पत्र लिखकर 20 से अधिक घोटालों की हाईकोर्ट जज से जांच की मांग


इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने ऐलान किया है कि वह 5 जुलाई को हजारों कार्यकर्ताओं के साथ हिसार के चैनत गांव पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों के बुलावे पर वह वहां जाकर पूरे मामले की जानकारी लेंगे और प्रदेशवासियों से भी बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील करेंगे।

चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार जानबूझकर चैनत गांव को पानी नहीं देना चाहती और इस मुद्दे की आड़ में गांव और शहर के लोगों के बीच विभाजन की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत साफ होती तो अब तक इस विवाद का समाधान निकल चुका होता।

अभय चौटाला ने कहा कि सरकार पहले पानी की लाइन पर टी (T) फिटिंग लगवाती है और बाद में उसे हटवा देती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले ही फैसला लिया जा चुका था कि उस लाइन से पानी नहीं दिया जाएगा तो फिर टी क्यों लगाई गई और बाद में उसे किसके आदेश पर हटाया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि टी हटाने वालों के नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए और गांव के करीब 1500 लोगों के खिलाफ मुकदमे क्यों दर्ज किए गए।

उन्होंने आरोप लगाया कि चैनत गांव की 11 सदस्यीय कमेटी को चंडीगढ़ बुलाने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। अभय चौटाला ने दावा किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के निर्देश पर टी लगाई और हटाई गई, जबकि मौजूदा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अफसरशाही हावी हो चुकी है।

इनेलो नेता ने कहा कि सरकार को पानी के विवाद पर राजनीति करने के बजाय विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने टूटी सड़कों के निर्माण, स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति, अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर करने और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग की।

प्रेस वार्ता के दौरान अभय चौटाला ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र भी लिखा है। इसमें उन्होंने दावा किया कि पहले कांग्रेस के खिलाफ दी गई 200 पन्नों की चार्जशीट पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही उन्होंने बीजेपी सरकार के दौरान हुए 20 से अधिक कथित घोटालों, सीडी कांड तथा स्वास्थ्य विभाग में सामने आए 300 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग की है।

राजस्थान को पानी देने के मुद्दे पर अभय चौटाला ने कहा कि वर्ष 1994 में हुए समझौते में भी यह स्पष्ट था कि तीन डैम बनने तक पानी नहीं दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी राजनीति के चलते केवल एमओयू किया गया है। उन्होंने दोहराया कि जब तक हरियाणा को एसवाईएल का पानी नहीं मिलता, तब तक प्रदेश का पानी किसी अन्य राज्य को नहीं दिया जाना चाहिए।