चंडीगढ़ कोर्ट का सख्त फैसला: गोल्डी बराड़ सरेंडर करे वरना जब्त होगी संपत्ति
चंडीगढ़ की विशेष एनआईए अदालत ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करते हुए 30 दिन का समय दिया है। पेश न होने पर उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।
➤ गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू
➤ NIA कोर्ट ने आत्मसमर्पण के लिए दिया 30 दिन का समय
➤ पेश न होने पर संपत्ति कुर्क करने की दी कड़ी चेतावनी
चंडीगढ़: पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मास्टरमाइंड और कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ पर कानून का शिकंजा और अधिक कस गया है। चंडीगढ़ की विशेष NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) अदालत ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए गैंगस्टर सतिंदर सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को भगोड़ा घोषित करने की औपचारिक कार्यवाही शुरू कर दी है। अदालत ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि यदि बराड़ अगले 30 दिनों के भीतर पेश नहीं होता है, तो उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया जाएगा।
यह मामला जनवरी 2024 में एक व्यवसायी के अपहरण और फिरौती मांगने से जुड़ा है, जिसकी जांच मार्च 2024 में NIA ने अपने हाथ में ली थी। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि गोल्डी बराड़ के खिलाफ पहले भी कई गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं, लेकिन वह लगातार गिरफ्तारी से बच रहा है और जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 84 के तहत जारी इस उद्घोषणा में उसे 27 फरवरी, 2026 तक का अल्टीमेटम दिया गया है।
अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर वह कानून के सामने नहीं आता है, तो उसकी चल-अचल संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गोल्डी बराड़ पर UAPA, आर्म्स एक्ट और हत्या की साजिश जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बराड़ फिलहाल कनाडा में शरण लिए हुए है और केंद्र सरकार उसकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया को तेज करने के लिए इस अदालती आदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगी।
Akhil Mahajan