राव नरबीर की कोठी पर तैनात कॉन्स्टेबल ने किया सुसाइड
गुरुग्राम में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के सरकारी बंगले पर तैनात पुलिस कॉन्स्टेबल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने आत्महत्या का संदेह जताया है, लेकिन सुसाइड नोट नहीं मिला। जांच जारी है।
➤ गुरुग्राम में मंत्री राव नरबीर सिंह के बंगले पर तैनात कॉन्स्टेबल की संदिग्ध मौत
➤ 49 वर्षीय जगबीर सिंह ने कथित तौर पर आत्महत्या की, सुसाइड नोट नहीं मिला
➤ पुलिस जांच जारी, मानसिक तनाव या पारिवारिक कारणों की पड़ताल
हरियाणा के गुरुग्राम में उस समय सनसनी फैल गई जब कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के सरकारी बंगले के गार्ड रूम में तैनात एक पुलिस कॉन्स्टेबल मृत अवस्था में पाया गया। मृतक की पहचान 49 वर्षीय कॉन्स्टेबल जगबीर सिंह के रूप में हुई है, जो झज्जर जिले के भूरावास गांव का रहने वाला था। मंगलवार तड़के ड्यूटी के दौरान जब उनका सहकर्मी नियमित जांच के लिए गार्ड रूम पहुंचा, तो उसने जगबीर को बेहोश पाया और तुरंत पुलिस अधिकारियों व मंत्री को सूचित किया। इसके बाद जगबीर को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि कॉन्स्टेबल ने आत्महत्या की है, लेकिन पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
सिविल लाइंस थाना पुलिस के अनुसार, घटना रात लगभग ढाई बजे की है। सुबह करीब पांच बजे पुलिस को सूचना मिली और फिर आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम हाउस भिजवाया गया। मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन उनकी ओर से अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
मृतक जगबीर सिंह करीब छह साल पहले सेना से रिटायर हुए थे और इसके बाद हरियाणा पुलिस में एसपीओ के रूप में भर्ती हुए थे। वह लंबे समय से मंत्री राव नरबीर सिंह की कोठी पर सुरक्षा ड्यूटी दे रहे थे और अपने परिवार के साथ गुरुग्राम में रह रहे थे। उनके दो बच्चे हैं—बेटी शादीशुदा है, जबकि बेटा अभी पढ़ाई कर रहा है।
पुलिस इस मामले में हर पहलू से जांच कर रही है। यह देखा जा रहा है कि क्या जगबीर किसी मानसिक तनाव, पारिवारिक समस्या या कार्यस्थल से संबंधित दबाव में थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट होगी।