शिमला में कांग्रेस के प्रदर्शन पर BJP का पलटवार, बिंदल बोले- ‘वोट चोर’ लिखना दुर्भाग्यपूर्ण; जांच की मांग
शिमला में कांग्रेस के प्रदर्शन पर BJP प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने सरकारी संपत्ति नुकसान के आरोपों की निष्पक्ष जांच और HIMCARE भुगतान सार्वजनिक करने की मांग की
शिमला में कांग्रेस के प्रदर्शन पर BJP का पलटवार, बिंदल ने निष्पक्ष जांच की मांग की
➤ बिंदल बोले- निर्वाचन विभाग कार्यालय पर ‘वोट चोर’ लिखना दुर्भाग्यपूर्ण, CCTV और वीडियो से हो जांच
➤ सिरमौर दौरे पर सरकार से चार साल के काम का हिसाब और HIMCARE भुगतान की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग
शिमला। शिमला में निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कर्मचारियों से अभद्रता किए जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि आरोप सही हैं या गलत, इसका फैसला जांच के बाद ही होना चाहिए। जांच के लिए CCTV फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और पुलिस रिकॉर्ड को आधार बनाया जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
बिंदल ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान निर्वाचन विभाग कार्यालय की दीवारों और बोर्ड पर ‘वोट चोर’ लिखा गया और पुतला जलाया गया। उन्होंने पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचाने, पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और सरकारी कार्यालय में आग लगाने की धमकी दिए जाने के आरोप भी लगाए। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होनी है। भाजपा की ओर से भी कहा गया है कि यदि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या नियमों के उल्लंघन की बात सामने आती है तो तथ्यों के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
निर्वाचन कार्यालय पर नारे लिखने को लेकर बिंदल ने उठाए सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कानून विपक्ष और सत्ता पक्ष के लिए अलग-अलग नहीं हो सकता। उनके मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत होने पर जिस तरह कार्रवाई की जाती है, उसी तरह सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं पर लगे आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने जांच में किसी तरह का राजनीतिक पक्षपात नहीं होने की बात कही और कहा कि पूरे मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उनका जोर इस बात पर है कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या पुलिस के साथ कथित धक्का-मुक्की जैसे आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद सामने आए।
शुक्रवार को कांग्रेस ने SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर शिमला के निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कार्यालय की दीवारों पर ‘वोट चोर’ लिखा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद ज्ञानेश कुमार का पुतला भी जलाया गया।
चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना
बिंदल ने SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर कहा कि राजनीतिक दलों को निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाने और वैधानिक माध्यम से आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार है। लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए जाने वाले आरोपों के साथ तथ्य भी सामने रखे जाने चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस से चुनावी परिणामों पर भी आत्ममंथन करने की बात कही। बिंदल के मुताबिक मई 2026 के नगर निगम चुनावों में भाजपा ने धर्मशाला, सोलन और मंडी नगर निगम में बहुमत हासिल किया, जबकि पालमपुर में कांग्रेस को बहुमत मिला। उन्होंने कहा कि सितंबर में शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर भी भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने SIR और मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों को लेकर निर्वाचन विभाग के बाहर प्रदर्शन किया था। कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाए गए। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी जलाया गया।
कांग्रेस ने लिखा था ‘चोर कमीशन’, CEC ज्ञानेश का पुतला जलाया
कांग्रेस ने शुक्रवार को इलेक्शन डिपार्टमेंट ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान कार्यालय के बोर्ड पर ‘चोर कमीशन’ लिखा गया और सीईसी ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया गया। पुतला जलाने के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन विभाग कार्यालय की दीवारों पर ‘वोट चोर’ लिखा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर किया गया था।
भाजपा ने इसी प्रदर्शन के तरीके को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि किसी संवैधानिक संस्था के कार्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या वहां आपत्तिजनक नारे लिखने की स्थिति में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।
4 साल बाद सरकार अपने काम का हिसाब दे: बिंदल
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सिरमौर दौरे को लेकर बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल के लगभग चार वर्ष पूरे करने जा रही है। ऐसे में हर समस्या के लिए पिछली सरकार को जिम्मेदार ठहराने के बजाय अब सरकार को अपने कार्यकाल के काम का हिसाब देना चाहिए।
बिंदल ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि पिछले लगभग चार वर्षों में जनता से जुड़े मुद्दों पर क्या काम हुआ और मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और शिक्षा पर सरकार से जवाब मांगा
बिंदल ने सिरमौर में स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने खास तौर पर नाहन मेडिकल कॉलेज की स्थिति को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने पूछा कि नाहन मेडिकल कॉलेज के निर्माण की वर्तमान स्थिति क्या है, शेष काम कब पूरा होगा और इसके लिए प्रस्तावित बजट का समयबद्ध उपयोग किस तरह किया जाएगा। बिंदल ने इन मुद्दों पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
HIMCARE के लंबित भुगतान पर भी सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने HIMCARE के लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों के स्वीकृत दावों के भुगतान की स्थिति सरकार को सार्वजनिक करनी चाहिए।
बिंदल की मांग है कि सरकार यह स्पष्ट करे कि निजी अस्पतालों के कितने स्वीकृत दावे लंबित हैं और उनके भुगतान की वर्तमान स्थिति क्या है। HIMCARE से जुड़े भुगतान को लेकर पहले भी अस्पतालों और सरकार के बीच बकाया राशि का मुद्दा सामने आता रहा है। सितंबर 2026 में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के एक मामले में भी HIMCARE और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत लंबित भुगतान से संबंधित निर्देश दर्ज हुए थे।
फिलहाल शिमला में कांग्रेस के प्रदर्शन के तरीके को लेकर भाजपा की ओर से जांच की मांग की गई है। वहीं कांग्रेस का प्रदर्शन SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर था। ऐसे में पूरे विवाद में प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस के साथ कथित धक्का-मुक्की के आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
Akhil Mahajan