क्या अहीरवाल की राजनीति में अब नई पीढ़ी का युग शुरू हो गया है, राव इंद्रजीत लेंगे सन्‍यास!

हरियाणा के वरिष्ठ भाजपा नेता और छह बार के सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने राजनीति से संन्यास के संकेत दिए हैं। नारनौल में चाय कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि अब युवाओं को राजनीति में आगे लाने का समय है। बेटी आरती राव सियासत में सक्रिय हैं।

क्या अहीरवाल की राजनीति में अब नई पीढ़ी का युग शुरू हो गया है, राव इंद्रजीत लेंगे सन्‍यास!

केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने राजनीति से संन्यास के संकेत दिए
बेटी आरती राव संभाल रहीं हैं सियासी विरासत, बनीं हेल्थ मिनिस्टर
74 साल की उम्र में बोले राव — अब युवाओं को मिलना चाहिए मौका



अहीरवाल के दिग्गज नेता और छह बार के सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने शुक्रवार को राजनीति से संन्यास के संकेत दे दिए हैं। नारनौल के भुंगारका गांव में चाय कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि वे अब 74 साल के हो चुके हैं और ज्यादा सक्रिय राजनीति नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि अब उनकी बेटी आरती राव लोगों के बीच जा रही हैं और वे चाहते हैं कि राजनीति में युवाओं को मौका मिले।

गौरतलब है कि भिवानी-महेंद्रगढ़ से भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह भी इसी महीने 17 अक्टूबर को नारनौल में ही राजनीति से संन्यास की घोषणा कर चुके हैं। दिलचस्प यह है कि दोनों नेताओं ने ही कांग्रेस छोड़कर 2014 में भाजपा ज्वॉइन की थी, और दोनों ही तीन-तीन बार सांसद बने। राव इंद्रजीत सिंह को तीनों बार मोदी सरकार में राज्य मंत्री का पद मिला।

बेटी आरती राव संभाल रहीं सियासी विरासत
राव इंद्रजीत की बेटी आरती राव ने अक्टूबर 2024 में अटेली सीट से पहली बार विधायक बनकर पिता की सियासी विरासत संभाली। पहली बार में ही उन्हें कैबिनेट रैंक का हेल्थ मिनिस्टर बनाया गया। इससे पहले राव इंद्रजीत ने 2014 और 2019 के चुनावों में भी बेटी के लिए टिकट मांगा था, लेकिन भाजपा के एक परिवार एक टिकट फॉर्मूले के चलते यह संभव नहीं हो सका। अब आरती राव लगातार अहीरवाल क्षेत्र में सक्रिय हैं, जहां उनके पिता का गहरा जनाधार है।

राव इंद्रजीत सिंह की कार्यक्रम में अहम बातें
चाय कार्यक्रम में राव ने कहा कि "अगर जनता मेरे साथ नहीं होती, तो मैं कुछ भी नहीं होता"। उन्होंने बताया कि जनता ने ही उन्हें ताकत दी और इसी वजह से भाजपा को अहीरवाल में इतनी सीटें मिलीं। उन्होंने कहा कि वे 45 साल से जनता की सेवा कर रहे हैं और अब वही जिम्मेदारी उनकी बेटी निभा रही हैं।

उन्होंने साफ कहा कि "मैंने कभी चमचागिरी नहीं की। अगर करता, तो आज कैबिनेट मंत्री होता"। राव ने कहा कि वे हमेशा क्षेत्र के हित को निजी स्वार्थ से ऊपर रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि युवाओं को टिकट मिले और राजनीति में नई ऊर्जा आए।

धर्मबीर सिंह भी कर चुके संन्यास का ऐलान
वहीं, तीन बार के सांसद धर्मबीर सिंह भी कुछ दिन पहले राजनीति से संन्यास का ऐलान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि 70 साल की उम्र के बाद राजनीति में बने रहना उचित नहीं। धर्मबीर ने कहा कि उन्होंने चौ. बंसीलाल परिवार की तीन पीढ़ियों को चार बार हराया, लेकिन अब वक्त है कि नई पीढ़ी को आगे आने दिया जाए।

राव इंद्रजीत और धर्मबीर सिंह दोनों के सक्रिय राजनीति से हटने की घोषणा ने भाजपा के अहीरवाल क्षेत्र में नए समीकरणों को जन्म दे दिया है।