DGP हटाओ, तभी पोस्टमॉर्टम, 48 घंटे का अल्टीमेटम- नहीं तो भारत बंद! तेलंगाना के डिप्टी CM शोक जताने पहुंचे
आईपीएस वाई पूरन कुमार आत्महत्या केस में सातवें दिन भी गतिरोध जारी। IAS पत्नी अमनीत कुमार और MLA भाई अमित रतन कोटफत्ता ने DGP शत्रुजीत कपूर को हटाने की मांग दोहराई। पोस्टमॉर्टम अब तक नहीं हो सका।
-आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में सातवें दिन भी गतिरोध जारी
-परिवार ने पोस्टमार्टम के लिए अब तक नहीं दी अनुमति
-IAS पत्नी और MLA भाई ने DGP शत्रुजीत कपूर को हटाने की रखी मांग
हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या का मामला पूरे देश में चर्चित हो चुका है। सातवें दिन भी अनसुलझा है। लगातार छह दिन से परिवार और प्रशासन के बीच गतिरोध बना हुआ है। सोमवार को भी परिवार की सहमति न मिलने के कारण शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया।
रविवार को चंडीगढ़ पुलिस ने आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार, जो कि पूरन कुमार की पत्नी हैं, को नोटिस भेजकर शव की पहचान प्रक्रिया पूरी करने को कहा था। प्रशासन की योजना है कि पोस्टमॉर्टम PGI के विशेषज्ञ डॉक्टरों के बोर्ड से कराया जाए, जिसमें बैलिस्टिक एक्सपर्ट और मजिस्ट्रेट भी शामिल होंगे ताकि जांच में कोई कमी न रहे।
मृतक की पत्नी अमनीत पी. कुमार और उनके भाई, पंजाब के बठिंडा से विधायक अमित रतन कोटफत्ता, दोनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक डीजीपी शत्रुजीत कपूर को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक वे पोस्टमॉर्टम की अनुमति नहीं देंगे।
हरियाणा सरकार ने परिवार को मनाने के लिए रोहतक के SP नरेंद्र बिजारनियां को हटाने का फैसला किया था, लेकिन इससे भी परिवार का रुख नहीं बदला। परिवार का कहना है कि “पूरन कुमार को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया है, और इस पूरे मामले में शीर्ष पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।”
इस बीच, तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का सोमवार को पूरन कुमार के चंडीगढ़ स्थित आवास पर पहुंचे। उन्होंने आईएएस अमनीत पी. कुमार से मुलाकात कर गहरा दुख जताया।
गौरतलब है कि वाई पूरन कुमार मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे और तेलंगाना राज्य के गठन से पहले वही उनका पैतृक इलाका था।
मामले में राजनीतिक और सामाजिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। दलित संगठनों ने पहले ही 48 घंटे में गिरफ्तारी न होने पर भारत बंद की चेतावनी दी है। अब पूरा मामला हरियाणा सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
उधर, आईपीएस वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले ने अब आंदोलन का रूप ले चुका है। रविवार को सेक्टर-20 स्थित रविदास मंदिर में अनुसूचित जाति के 36 संगठनों ने एकजुट होकर महापंचायत बुलाई। इस महापंचायत में हरियाणा के साथ पंजाब और चंडीगढ़ के भी कई संगठनों ने भाग लिया।
बैठक में मंच से एक स्वर में डीजीपी हरियाणा शत्रुजीत कपूर को पद से हटाने और गिरफ्तारी की मांग उठी। नेताओं ने साफ कहा कि जब तक आरोपित अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा।
48 घंटे का अल्टीमेटम, भारत बंद की चेतावनी
करीब तीन घंटे तक चली इस महापंचायत के बाद चंडीगढ़ प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया। नेताओं ने कहा कि यदि प्रशासन ने निर्धारित समय में गिरफ्तारी नहीं की, तो आंदोलन उग्र रूप लेगा। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे जल्द ही चंडीगढ़ प्रशासक को मांगपत्र सौंपेंगे।
महापंचायत में शामिल संगठनों ने चेतावनी दी कि अगर 48 घंटे बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे भारत बंद का आह्वान करेंगे। वहीं, चंडीगढ़ सफाई कर्मचारी यूनियन ने भी इस आंदोलन में साथ देते हुए शहर की सफाई बंद करने की चेतावनी दी है।
छह दिन बाद भी नहीं हुआ पोस्टमार्टम
आईपीएस वाई पूरन कुमार की आत्महत्या को अब छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। शव अभी भी पीजीआई की मोर्चरी में रखा गया है। प्रशासन और पुलिस की लगातार कोशिशों के बावजूद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हुए हैं।
पुलिस की एसआईटी टीम को आशंका है कि शव के अधिक समय तक रखे रहने से महत्वपूर्ण सुबूत नष्ट हो सकते हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। शनिवार को प्रशासन ने बिना अनुमति शव को सेक्टर-16 अस्पताल से पीजीआई की मोर्चरी में शिफ्ट किया था।
रविवार को एसएसपी कंवरदीप कौर स्वयं अमनीत पी कुमार के सेक्टर-24 स्थित आवास पर पहुंचीं और पोस्टमार्टम के लिए औपचारिक पत्र प्रस्तुत किया, लेकिन परिवार ने हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया।
अब पूरे हरियाणा और पंजाब में आईपीएस पूरन कुमार के लिए न्याय की मांग तेज हो गई है। संगठनों ने कहा कि यह सिर्फ एक अफसर की आत्महत्या नहीं, बल्कि दलित समाज के सम्मान और न्याय की लड़ाई है।
हरियाणा IAS ऑफिसर्स एसोसिएशन पीड़ित परिवार के समर्थन में
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