नेताओं की चुप्पी पर भड़का गुस्सा, आधी रात भूपेंद्र हुड्डा-दीपेंद्र हुड्डा लापता के लगाए पोस्टर

सांपला में समाजसेवी शिव कुमार रंगीला ने भूपेंद्र और दीपेंद्र हुड्डा के लापता होने के पोस्टर लगाए। जनता की समस्याओं की अनदेखी का लगाया आरोप, जलभराव से परेशान लोग।

नेताओं की चुप्पी पर भड़का गुस्सा, आधी रात भूपेंद्र हुड्डा-दीपेंद्र हुड्डा लापता के लगाए पोस्टर

➤ सांपला में भूपेंद्र और दीपेंद्र हुड्डा के लापता पोस्टर लगे
➤ समाजसेवी शिव कुमार रंगीला ने लगाया हलके की अनदेखी का आरोप
➤ बरसात के बाद जलभराव और जनता की समस्याओं पर उठाई आवाज


रोहतक के सांपला ब्लॉक में देर रात एक अलग तरह का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। यहां समाजसेवी शिव कुमार रंगीला ने पुल की दीवार पर पोस्टर चिपकाए, जिनमें लिखा था कि “सांपला किलोई से विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा लापता हैं।” इस तरह के पोस्टरों ने स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।

रोहतक के सांपला ब्लॉक में भूपेंद्र हुड्‌डा व दीपेंद्र हुड्‌डा के लापता होने के पोस्टर लगाते हुए शिव कुमार रंगीला। - Dainik Bhaskar

शिव कुमार रंगीला का आरोप है कि जिन नेताओं को जनता ने विधायक और सांसद बनाकर भेजा, वे आज जनता की सुध तक नहीं ले रहे। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा 10 साल तक मुख्यमंत्री रहे और दीपेंद्र हुड्डा लगातार सांसद चुने जाते रहे, लेकिन सांपला की जनता की समस्याओं पर कभी ध्यान नहीं दिया गया।

रंगीला ने कहा कि बरसात के बाद खेतों में पानी खड़ा है और तीन वार्डों में तो हालात इतने खराब हैं कि घरों के अंदर तक पानी भरा हुआ है, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की तरफ से कोई समाधान नहीं किया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार यह कहकर पल्ला झाड़ लेती है कि यह हुड्डा का इलाका है, तो वे विधानसभा में आवाज क्यों नहीं उठाते।

सांपला में भूपेंद्र व दीपेंद्र हुड्‌डा लापता के लगाए गए पोस्टर।

पोस्टर लगाने के पीछे उद्देश्य बताते हुए रंगीला ने कहा कि शायद इस कदम के बाद हुड्डा पिता-पुत्र सांपला की जनता की समस्याओं की सुध लेने आएं। उन्होंने दावा किया कि जनता बेहद परेशान है और उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है।

शिव कुमार रंगीला का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। वे 2014 तक कांग्रेस के कार्यकर्ता रहे, फिर भाजपा में शामिल हुए और 2019 तक सक्रिय रहे। 2019 में बेरी से निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 2022 में आम आदमी पार्टी ज्वाइन की और 2024 में गोहाना से विधानसभा चुनाव लड़ा, जहां भी हार का सामना करना पड़ा। वर्तमान में वे किसी पार्टी में सक्रिय नहीं हैं और समाजसेवी व गायक-कलाकार के तौर पर काम कर रहे हैं।