मनीषा केस: सीबीआई ने लाइब्रेरी संचालकों से की पूछताछ, अब भी गुत्थी अनसुलझी
भिवानी की शिक्षिका मनीषा मौत मामले की जांच सीबीआई कर रही है। टीम ने लाइब्रेरी संचालकों से पूछताछ की। 10 दिन से जांच जारी है, लेकिन मौत का कारण अब भी साफ नहीं।
➤ भिवानी के ढाणी लक्ष्मण गांव की शिक्षिका मनीषा मौत मामले में सीबीआई की जांच तेज
➤ टीम ने शनिवार को ढिगावा मंडी की लाइब्रेरी में संचालकों से पूछताछ की, जहां मनीषा कोचिंग लेती थी
➤ 10 दिन से भिवानी में डटी सीबीआई को अब तक मौत का पुख्ता सुराग नहीं मिला
भिवानी। ढाणी लक्ष्मण गांव की शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए सीबीआई लगातार जांच कर रही है। शनिवार देर शाम सीबीआई की टीम ढिगावा मंडी स्थित उस लाइब्रेरी में पहुंची, जहां मनीषा कोचिंग लेती थी। यहां टीम ने संचालकों से लंबी पूछताछ कर जानकारी जुटाई।
पिछले 10 दिनों से सीबीआई की टीम भिवानी में डेरा डाले हुए है और मनीषा से जुड़े हर व्यक्ति से पूछताछ कर रही है। बावजूद इसके, अभी तक मौत की असली वजह सामने नहीं आ पाई है।
घटनास्थल पर छानबीन और पूछताछ
शुक्रवार को दिल्ली से एफएसएल टीम गांव सिंघानी पहुंची थी और उस खेत का निरीक्षण किया था, जहां 13 अगस्त को मनीषा का शव मिला था। यहां से टीम ने कई अहम सबूत जुटाए।
इस दौरान सीबीआई ने मौके पर मौजूद कई लोगों से सवाल-जवाब किए—तोशाम डीएसपी दलीप कुमार, लोहारू डीएसपी संजीव कुमार, निलंबित पुलिसकर्मी शंकुतला, बकरी पालक चश्मदीद सत्यपाल, खेत मालिक पवन, साझेदार सांझी और शव देखने वाले ईश्वर से पूछताछ की गई।
चश्मदीद सत्यपाल ने बताया कि उसने सीबीआई को शव मिलने वाले दिन देखी सारी घटनाएं विस्तार से बताईं।
परिवार और ग्रामीणों के सवाल
मनीषा 11 अगस्त को घर से प्ले स्कूल पढ़ाने के लिए निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। 13 अगस्त को उनका शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला।
भिवानी पुलिस ने शुरुआती जांच में एक सुसाइड नोट दिखाकर इसे आत्महत्या बताया, लेकिन परिवार और ग्रामीण इसे मानने को तैयार नहीं हैं। वे इसे हत्या का मामला मानते हैं, जिसके चलते केस सीबीआई को सौंपा गया।
सीबीआई ने हत्या समेत कई धाराओं में FIR दर्ज कर 3 सितंबर से भिवानी में रहकर जांच शुरू की है।
Akhil Mahajan