करनाल के स्टार गूगल बॉय कौटिल्य पंडित ने ऑक्सफोर्ड के लिए भरी उड़ान
‘गूगल बॉय’ कौटिल्य पंडित ने करनाल से ऑक्सफोर्ड तक का सफर तय कर लिया है। इंग्लैंड रवाना होने से पहले CM और बॉलीवुड स्टार्स से मिला आशीर्वाद। अब करेगा AI और कॉस्मोलॉजी पर रिसर्च।
➤ गूगल बॉय कौटिल्य पंडित ऑक्सफोर्ड पहुंचे, इंग्लैंड के लिए भरी उड़ान
➤ करनाल के कोहंड गांव से निकलकर दुनिया की नंबर-1 यूनिवर्सिटी तक का सफर
➤ फिजिक्स में मास्टर और डार्क मैटर से लेकर AI तक करेंगे रिसर्च
हरियाणा के करनाल जिले के कोहंड गांव का बेटा और ‘गूगल बॉय’ के नाम से मशहूर कौटिल्य पंडित आखिरकार अपने सपनों की मंजिल तक पहुंच गया। 29 सितंबर की सुबह 4 बजे उसने दिल्ली एयरपोर्ट से इंग्लैंड के लिए उड़ान भरी। परिवार और समर्थकों ने उसे विदाई दी। यह खास लम्हा कौटिल्य ने फेसबुक पर भी साझा किया।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई और रिसर्च
कौटिल्य अब दुनिया की नंबर-1 यूनिवर्सिटी ऑक्सफोर्ड के बॉलियोल कॉलेज में मास्टर ऑफ फिजिक्स करेंगे। यहां वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर ह्यूमिनिटी, डार्क मैटर, प्लाज्मा फिजिक्स और कॉस्मोलॉजी पर रिसर्च करेंगे। यूनिवर्सिटी ने उन्हें अगस्त में ही एडमिशन ऑफर भेजा और करीब 25 लाख रुपए की स्कॉलरशिप भी दी।
आशीर्वाद समारोह और विदाई के पल
इंग्लैंड रवाना होने से पहले 14 सितंबर को घरौंडा में आशीर्वाद अलंकरण समारोह हुआ। इसमें बॉलीवुड एक्टर यशपाल शर्मा भी पहुंचे और भावुक होकर बोले – “यह बच्चा सिर्फ हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश का नाम रोशन करेगा।”
25 सितंबर को कौटिल्य ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात की और इसे जीवन का सम्मानजनक क्षण बताया।
बचपन से ही जीनियस
2007 में जन्मे कौटिल्य की प्रतिभा बचपन में ही सामने आ गई थी। 4-5 साल की उम्र में उन्होंने एटलस (मानचित्र संग्रह) कुछ ही देर में याद कर लिया। उनकी फोटोग्राफिक मेमोरी और लगातार सवाल पूछने की आदत ने उन्हें ‘गूगल बॉय’ बना दिया।
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IQ लेवल: 130 से 150 के बीच (गिफ्टेड से जीनियस कैटेगरी)।
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5 साल की उम्र में KBC की हॉट सीट पर पहुंचे, अमिताभ बच्चन ने गोद में उठाकर बैठाया।
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तत्कालीन CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उन्हें 10 लाख रुपए का पुरस्कार दिया।
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कोविड के दौरान खुद 8वीं में पढ़ते हुए 9वीं-11वीं के बच्चों को फिजिक्स-केमिस्ट्री पढ़ा दी।
किताबों के शौकीन और चाणक्य से प्रेरणा
कौटिल्य अब तक 100 से ज्यादा किताबें और ग्रंथ पढ़ चुके हैं, जिनमें फाइनमैन लेक्चर्स ऑन फिजिक्स, क्वांटम मैकेनिक्स, इंडिया आफ्टर गांधी, डिस्कवरी ऑफ इंडिया और मैं नास्तिक क्यों हूं शामिल हैं।
वे चाणक्य को अपना आदर्श मानते हैं और उनके जैसे ही सिर पर चोटी रखते हैं। वे शुद्ध शाकाहारी और धार्मिक आस्था वाले हैं।
परिवार का साथ
कौटिल्य के पिता सतीश शर्मा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं और मां गृहिणी हैं। उनकी दो बहनें भी पढ़ाई में अव्वल हैं – दीक्षा विदेश में स्कॉलरशिप पर एयरोस्पेस इंजीनियरिंग कर रही हैं और मृदुल एमएससी कर रही हैं।
Akhil Mahajan