कसोल में जंगलों की रेव पार्टियों पर हाई कोर्ट सख्त, एसपी कुल्लू और संबंधित एसडीएम के तबादले के आदेश।

कसोल के जंगलों में आयोजित रेव पार्टियों पर हिमाचल हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने एसपी कुल्लू और संबंधित एसडीएम के तबादले के आदेश जारी किए हैं।

कसोल में जंगलों की रेव पार्टियों पर हाई कोर्ट सख्त, एसपी कुल्लू और संबंधित एसडीएम के तबादले के आदेश।

कसोल के जंगलों में रेव पार्टियों पर हिमाचल हाई कोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी

एसपी कुल्लू और संबंधित एसडीएम के तबादले के आदेश जारी

आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर 6 अगस्त तक रिपोर्ट देने के निर्देश

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के कसोल क्षेत्र में जंगलों और वन क्षेत्रों में आयोजित हो रही रेव पार्टियों को लेकर हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने प्रभावी कार्रवाई नहीं करने पर एसपी कुल्लू और संबंधित एसडीएम के तबादले के आदेश जारी कर दिए हैं।

मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संघवालिया और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान रेव पार्टियों के आयोजकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऐसे आयोजनों पर समय रहते रोक लगाई जाए।

हाई कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि जंगलों और वन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की रेव पार्टी आयोजित नहीं होनी चाहिए। अदालत के अनुसार ऐसे आयोजन न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनते हैं, बल्कि पर्यावरण और स्थानीय सामाजिक व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।

खंडपीठ ने प्रशासन को निर्देश दिए कि भविष्य में वन क्षेत्रों में होने वाले ऐसे आयोजनों पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए एसपी कुल्लू और संबंधित एसडीएम के तबादले के आदेश भी जारी किए गए हैं।

अदालत ने रेव पार्टियों के आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और मामले में उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी, जिसमें प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।

इससे पहले हाई कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) कुल्लू के सचिव को स्थानीय प्रशासन के साथ मौके का निरीक्षण करने और 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। इसके अलावा कुल्लू के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को मामले में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश भी दिए गए थे।

अदालत की इस सख्ती को प्रदेश में अवैध रेव पार्टियों के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे पर्यटन स्थलों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।