अमेरिका में हरियाणा के एक और बेटे की गो*ली मारकर ह*त्‍या

हरियाणा के करनाल के प्रदीप की अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी एक रिटायर्ड फौजी था जिसने फायरिंग के बाद खुद को भी गोली मार ली। प्रदीप 8 बहनों का इकलौता भाई था और परिवार का एकमात्र सहारा

अमेरिका में  हरियाणा के एक और बेटे की गो*ली मारकर ह*त्‍या

करनाल के युवक प्रदीप की अमेरिका में गोली मारकर हत्या

रिटायर्ड फौजी ने डिपार्टमेंटल स्टोर में की अंधाधुंध फायरिंग, फिर खुद को भी मारी गोली

परिवार बोला — शव भारत लाने में सरकार करे मदद, प्रदीप था 8 बहनों का इकलौता भाई


करनाल जिले के गांव हथलाना का 35 वर्षीय प्रदीप अमेरिका में एक रिटायर्ड फौजी की गोलीबारी में मारा गया। यह दर्दनाक वारदात अमेरिका के पोर्टलैंड-वाशिंगटन बॉर्डर के पास एक डिपार्टमेंटल स्टोर में हुई, जहां प्रदीप नौकरी करता था। बताया जा रहा है कि आरोपी फौजी ने अचानक स्टोर में फायरिंग शुरू कर दी और प्रदीप को तीन से चार गोलियां मार दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हमलावर ने खुद को भी गोली मार ली।

प्रदीप के परिवार को यह भयावह खबर शनिवार शाम अमेरिका में रहने वाले उसके दोस्त से फोन पर मिली। दोस्त ने बताया कि घटना के वक्त प्रदीप कुछ ही समय पहले ड्यूटी पर पहुंचा था। तभी सरदार के वेश में आया एक रिटायर्ड फौजी बिना किसी विवाद के गोली चलाने लगा। फायरिंग की कोई वजह फिलहाल सामने नहीं आई है। अमेरिकी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

परिवार का कहना है कि प्रदीप करीब डेढ़ साल पहले अमेरिका गया था, और वहां पहुंचने में उसे लगभग 8 महीने लग गए थे। उसने तीन-चार दिन पहले ही घर पर बात कर बताया था कि सब ठीक चल रहा है, उसे काम मिल गया है और वह जल्द ही कर्ज चुका देगा। प्रदीप अपने परिवार की कमाई का एकमात्र सहारा था। उसके पिता की मौत पहले ही हो चुकी है और घर में अब मां और पत्नी के अलावा उसकी आठ बहनें हैं।

परिजनों के मुताबिक, प्रदीप की शादी 10 साल पहले हुई थी, लेकिन अभी तक कोई संतान नहीं थी। वह अपने परिवार के लिए अमेरिका में मेहनत कर रहा था। परिजनों ने कहा कि दीवाली से ठीक पहले मिली यह खबर उनके लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। घर में मातम पसरा हुआ है, महिलाएं रो-रोकर बेहाल हैं और गांव में शोक का माहौल है।

गांव के सतपाल पहलवान ने बताया कि परिवार पहले से ही 42 लाख रुपए के कर्ज में डूबा हुआ है। प्रदीप उस कर्ज को चुकाने के लिए विदेश गया था। अब उसके जाने के बाद घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। ग्रामीणों ने सरकार से अपील की है कि प्रदीप के शव को जल्द भारत लाया जाए, ताकि गांव में अंतिम संस्कार किया जा सके।