अमेरिका में एक और हरियाणा के बेटे की मौत, 25 साल के बेटे का शव लाने के लिए परिवार ने मांगी मदद
करनाल के सीकरी गांव के 25 वर्षीय जतिन की अमेरिका में ट्राला पलटने से मौत हो गई। परिवार ने शव भारत लाने के लिए सरकार से आर्थिक मदद मांगी।
➤ करनाल के सीकरी गांव के 25 वर्षीय जतिन की अमेरिका में ट्राला पलटने से मौत, परिवार में मातम
➤ 2022 में करीब 40 लाख रुपये खर्च कर इंग्लैंड गया था जतिन, बाद में डंकी रूट से पहुंचा था अमेरिका
➤ बेटे की मौत से टूटे परिजनों ने शव भारत लाने के लिए सरकार से आर्थिक सहायता मांगी, मां बोलीं- हमारे ऊपर बिजली गिर गई
हरियाणा के करनाल जिले के सीकरी गांव के 25 वर्षीय युवक जतिन की अमेरिका में सड़क हादसे के दौरान मौत हो गई। परिवार के मुताबिक, जतिन वर्ष 2022 में करीब 40 लाख रुपये खर्च कर इंग्लैंड गया था और वहां से डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचा था। वह कैलिफोर्निया के लॉस एंजिलिस में रहकर ट्राला चलाने का काम करता था। बुधवार तड़के सड़क पर ट्राले का संतुलन बिगड़ने से वाहन पलट गया, जिसमें जतिन के सिर में गंभीर चोट लगी। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलने के बाद से करनाल स्थित उसके घर में मातम पसरा हुआ है। मां रेखा और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों को अब बेटे के शव के भारत पहुंचने का इंतजार है, ताकि वे उसका अंतिम संस्कार कर सकें। परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता की अपील की है, क्योंकि अमेरिका से शव भारत लाने की प्रक्रिया में खर्च की परेशानी सामने आ रही है। बेटे को खोने के गम में मां ने भावुक होकर कहा, “हमारे ऊपर बिजली गिर गई। हमारे बच्चे को ले आओ।”
2022 में करीब 40 लाख रुपये खर्च कर इंग्लैंड गया था जतिन
मृतक की पहचान करनाल जिले के सीकरी गांव निवासी जतिन (25) के रूप में हुई है। परिवार के अनुसार, जतिन वर्ष 2022 में करीब 40 लाख रुपये खर्च करके भारत से इंग्लैंड गया था। बाद में वह डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचा और वहां काम करने लगा।
जतिन कैलिफोर्निया के लॉस एंजिलिस में रहता था और ट्राला चलाकर अपना जीवनयापन कर रहा था। विदेश में काम करके परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाने की उम्मीद के साथ घर से निकले जतिन की मौत की खबर ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
संतुलन बिगड़ने से पलटा ट्राला, सिर में लगी गंभीर चोट
परिवार को मिली जानकारी के मुताबिक, हादसा बुधवार तड़के अमेरिका में हुआ। सड़क पर ट्राले का संतुलन बिगड़ने के कारण वाहन पलट गया। इस दौरान जतिन के सिर में गंभीर चोट लगी और खून निकलने लगा। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जतिन के ममेरे भाई विशाल भी उसके साथ रहता है। उसी ने हादसे की सूचना परिवार को दी। अचानक मिली इस खबर से घर में कोहराम मच गया। परिजनों को शुरुआत में इस दुखद घटना पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा था। जिस बेटे से कुछ घंटे पहले तक बातचीत हो रही थी, उसके बारे में ऐसी खबर मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
हादसे से करीब पांच घंटे पहले पिता से हुई थी बात
परिवार के अनुसार, जतिन के पिता रामपाल ने हादसे से करीब पांच घंटे पहले ही बेटे से फोन पर बात की थी। उस समय परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों में उन्हें इतनी दुखद खबर सुननी पड़ेगी।
पिता के लिए बेटे से हुई आखिरी बातचीत अब दर्दनाक याद बन गई है। परिवार अपने बेटे के अंतिम दर्शन करना चाहता है, लेकिन अमेरिका से शव भारत लाने की प्रक्रिया में आर्थिक परेशानी आ रही है। परिजनों का कहना है कि वे चाहते हैं कि शव जल्द भारत पहुंचे, ताकि परिवार के लोग अंतिम विदाई दे सकें और रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया जा सके।
मां रेखा का रो-रोकर बुरा हाल, सरकार से लगाई गुहार
जतिन की मौत के बाद उसकी मां रेखा गहरे सदमे में हैं। बेटे को खोने का दर्द उनके लिए असहनीय है। रोते हुए उन्होंने कहा, “हमारे ऊपर बिजली गिर गई। हमारे बच्चे को ले आओ।” मां की इस गुहार से परिवार की पीड़ा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
परिवार ने सरकार से आर्थिक मदद की अपील की है, ताकि अमेरिका से जतिन का शव भारत लाने की व्यवस्था की जा सके। परिजनों के सामने इस समय सबसे बड़ी चिंता बेटे के शव को जल्द घर तक लाने की है। वे चाहते हैं कि अंतिम संस्कार अपने गांव में किया जा सके और परिवार को बेटे को अंतिम विदाई देने का अवसर मिले।
खेतीबाड़ी करता है परिवार, पीछे छोड़ गया माता-पिता और भाई-बहन
जतिन के परिवार में पिता रामपाल, मां रेखा, बड़ा भाई साहिल और एक छोटी बहन है। उसके पिता खेतीबाड़ी करते हैं। परिवार के लिए बेटे की मौत केवल एक सदस्य को खोने का दुख नहीं, बल्कि भविष्य से जुड़ी उम्मीदों के टूटने जैसा भी है।
विदेश में काम कर रहे जतिन की अचानक मौत ने परिवार को ऐसी स्थिति में ला दिया है, जहां एक ओर बेटे को खोने का गम है और दूसरी ओर उसका शव भारत लाने की चिंता। परिजन सरकार से सहायता मिलने की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि वे जल्द से जल्द जतिन का अंतिम संस्कार कर सकें।
Akhil Mahajan