छेड़छाड़ कर रहा था ड्राइवर, 12 साल की बच्‍ची ने ऐसे सिखाया सबक और पहुंचाया सलाखों के पीछे

करनाल के मानपुर गांव की 12 वर्षीय बच्ची ने अपने स्कूल के पूर्व ड्राइवर पर छेड़छाड़ और मैसेज से परेशान करने का आरोप लगाया। बाल कल्याण समिति ने व्हाट्सऐप शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कुंजपुरा पुलिस को पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के निर्देश दिए।

छेड़छाड़ कर रहा था ड्राइवर, 12 साल की बच्‍ची ने ऐसे सिखाया सबक और पहुंचाया सलाखों के पीछे


12 साल की बच्ची ने पूर्व स्कूल ड्राइवर पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया
बाल कल्याण समिति करनाल ने लिया तुरंत संज्ञान
कुंजपुरा थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया



हरियाणा के करनाल जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 12 साल की बच्ची ने अपने ही स्कूल के पूर्व ड्राइवर पर छेड़छाड़ और मैसेज के ज़रिए परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया है। बच्ची ने साहस दिखाते हुए सीधे बाल कल्याण समिति करनाल को वॉट्सऐप संदेश भेजकर पूरी घटना की जानकारी दी। समिति ने शिकायत को बेहद गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, 23 अक्तूबर को नाबालिग बच्ची ने अपने मोबाइल से समिति के चेयरमैन चंद्र प्रकाश के मोबाइल नंबर पर वॉट्सऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। बच्ची ने बताया कि मानपुर गांव का एक व्यक्ति, जो पहले उसके स्कूल में ड्राइवर था, उसे लगातार मैसेज भेजकर परेशान करता है और एक बार गलत तरीके से छूने की कोशिश भी कर चुका है। बच्ची ने अपनी उम्र 12 वर्ष बताई और डर के कारण यह बात परिवार को बताए बिना समिति को सूचित किया।

बाल कल्याण समिति ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए इसे जेजे एक्ट की धारा 2(14) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत गंभीर मामला माना। समिति की सदस्य सुषमा और चेयरमैन चंद्र प्रकाश द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में थाना कुंजपुरा प्रभारी को आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिला बाल संरक्षण अधिकारी करनाल को बच्ची की काउंसलिंग करवाने और रिपोर्ट समिति को भेजने को कहा गया।

शिकायत ईमेल के माध्यम से थाना कुंजपुरा को भेजी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने तेजी से कदम उठाया। महिला उपनिरीक्षक गीता की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी के खिलाफ धारा 78 बीएनएस, धारा 8 और धारा 12 पॉक्सो एक्ट 2012 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी और आगे की जांच में जुटी हुई है।

फिलहाल, बाल कल्याण समिति ने बच्ची की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसकी काउंसलिंग शुरू करने के आदेश दिए हैं ताकि उसे डर और सदमे से उबारा जा सके। यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि बच्चों के साथ इस तरह की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई और संवेदनशीलता आवश्यक है।