हरियाणा में इस दिन से सभी तहसीलों में शुरू होगी पेपरलेस रजिस्ट्री, झटपट और तय समय पर होगा काम

हरियाणा में 1 नवंबर से सभी 143 तहसीलों में पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत होगी। कुरुक्षेत्र के बबैन में सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद अब पूरी राज्य में यह योजना लागू होगी। अब रजिस्ट्री ऑनलाइन होगी और प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।

हरियाणा में इस दिन से सभी तहसीलों में शुरू होगी पेपरलेस रजिस्ट्री, झटपट और तय समय पर होगा काम

हरियाणा में 1 नवंबर से सभी तहसीलों में पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत
कुरुक्षेत्र के बबैन से सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद राज्यव्यापी विस्तार
ऑनलाइन सत्यापन और पारदर्शी प्रक्रिया से 58 साल पुरानी व्यवस्था में बदलाव


हरियाणा में अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस होने जा रही है। 1 नवंबर से प्रदेश की सभी 143 तहसीलों और उप तहसीलों में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली शुरू होगी। इसका पायलट प्रोजेक्ट पहले ही कुरुक्षेत्र के बबैन में 29 सितंबर को शुरू किया जा चुका है, जहां अब तक लगभग 600 रजिस्ट्री पूरी हो चुकी हैं। इस परियोजना के सफल परिणामों के बाद राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इसे पूरे राज्य में लागू करने का निर्णय लिया है। यह योजना हरियाणा की भूमि रिकॉर्ड प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली मानी जा रही है।

शुरुआती चरण में रजिस्ट्री दस्तावेजों का सत्यापन कार्य 5 दिनों में पूरा किया जाएगा, लेकिन योजना का पूर्ण विस्तार होने पर यह समयसीमा 48 घंटे में सीमित की जाएगी। इस नई व्यवस्था से न केवल आमजन का समय बचेगा बल्कि भ्रष्टाचार और देरी की समस्या में भी कमी आएगी। पहले लोगों को डीड राइटर और तहसील के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, अब आवेदन, सत्यापन और भुगतान सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन पोर्टल पर पूरी होंगी।

हरियाणा भूमि रिकॉर्ड के महानिदेशक डॉ. यशपाल ने बताया कि यह कदम राज्य में करीब 58 वर्ष पुरानी मैनुअल प्रणाली को पूरी तरह बदल देगा। अब आवेदनकर्ताओं को ऑनलाइन आवेदन के बाद फाइल सीधे रजिस्ट्री क्लर्क और सब-रजिस्ट्रार तक पहुंचेगी। वहां यह जांच की जाएगी कि जमीन पर कोई ऋण बकाया, सरकारी या शामलात भूमि विवाद तो नहीं है। आवेदन का डाटा मुख्यालय स्तर पर तैयार लैंड रिकॉर्ड से स्वतः मिलान किया जाएगा और सब कुछ सही मिलने पर अगला कदम उठाया जाएगा।

नई प्रणाली की सबसे खास बात यह है कि यदि किसी आवेदन को अधिकारी रिजेक्ट करते हैं, तो उन्हें कारण बताना होगा। यानी अब नागरिकों को “आपकी फाइल रिजेक्ट हो गई” जैसी अस्पष्ट सूचनाओं से छुटकारा मिलेगा। विभाग ने इसके लिए पोर्टल पर नया फॉर्मेट तैयार किया है, जिसमें रिजेक्शन का पूरा कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा। वहीं स्टांप का भुगतान भी अब ऑनलाइन होगा और केवल निर्धारित टोकन वाले दिन ही रजिस्ट्री से संबंधित फोटोग्राफी के लिए तहसील जाना पड़ेगा।

विभाग ने नागरिकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए फीडबैक और मॉनिटरिंग सिस्टम भी जोड़ा है। अब आमजन अपने अनुभव के आधार पर 2 स्टार, 3 स्टार या 5 स्टार रेटिंग दे सकेंगे। साथ ही क्यूआर स्कैनर के माध्यम से शिकायतें और सुझाव भी दर्ज किए जा सकेंगे। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी काम के बदले पैसे मांगता है या अनावश्यक देरी करता है, तो सीधे पोर्टल या क्यूआर सिस्टम के जरिए मुख्यालय स्तर पर शिकायत की जा सकेगी।

यह कदम हरियाणा में डिजिटल पारदर्शिता की दिशा में बड़ा सुधार साबित होगा। न केवल आमजन का समय बचेगा बल्कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में मानव हस्तक्षेप घटने से भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी लगभग समाप्त हो जाएंगी। राजस्व विभाग का लक्ष्य है कि अगले चरण में इस व्यवस्था को 48 घंटे के सत्यापन और पूर्ण डिजिटल इंटीग्रेशन के स्तर तक पहुंचाया जाए।