दिवाली पर आतिशबाजी ने हरियाणा की हवा में घोला जहर, जानें किस शहर में सबसे बड़ा खतरा
दिवाली की रात हरियाणा के 15 जिलों में हवा जहरीली हो गई। कई जगहों पर AQI 500 तक पहुंचा। रोहतक, नारनौल, बहादुरगढ़, धारूहेड़ा और बल्लभगढ़ में प्रदूषण सबसे ज्यादा। GRAP-2 पाबंदियां लागू कर दी गई हैं।
➤ हरियाणा के 15 जिलों में AQI 500 तक पहुंचा, दिवाली पर राज्य बना गैस चैंबर
➤ रोहतक, नारनौल, बहादुरगढ़, धारूहेड़ा और बल्लभगढ़ में प्रदूषण सबसे गंभीर
➤ ग्रैप-2 की पाबंदियां लागू, डीजल वाहनों और इंडस्ट्रीज पर सख्ती
दिवाली पर हुई आतिशबाजी ने हरियाणा की हवा में जहर घोल दिया। सोमवार की रात राज्य के 15 जिलों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर 500 तक पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार यह हवा इतनी प्रदूषित थी कि एक स्वस्थ व्यक्ति भी बीमार पड़ सकता था।
हालांकि सुबह होते-होते थोड़ी राहत दिखी, लेकिन प्रदूषण का स्तर अब भी “गंभीर” श्रेणी में बना हुआ है। इंडिया मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार हवा चलने और बादल छाने से स्मॉग में कुछ कमी आई है, लेकिन यह राहत अस्थायी है।
हरियाणा के रोहतक, नारनौल, बहादुरगढ़, धारूहेड़ा और बल्लभगढ़ जैसे औद्योगिक शहरों में प्रदूषण चरम पर पहुंच गया। रोहतक में AQI 320, नारनौल में 311, बहादुरगढ़ में 306, धारूहेड़ा में 305 और बल्लभगढ़ में 303 दर्ज किया गया। औसत रूप से रोहतक और नारनौल गुरुग्राम से भी ज्यादा प्रदूषित रहे।
रात 12 बजे तक 15 शहर बने गैस चैंबर
दिवाली की रात लगभग 12 बजे तक हरियाणा के 15 शहरों में हवा पूरी तरह जहरीली हो चुकी थी। कई स्थानों पर AQI लगातार 500 पर टिका रहा, जबकि कैथल, सोनीपत और चरखी दादरी जैसे शहरों में यह 400 से ऊपर बना रहा। यह स्तर सांस लेने योग्य हवा की सीमा से चार गुना अधिक है।
मौसम में बदलाव से राहत की उम्मीद
पश्चिमी विक्षोभ के हल्के प्रभाव से अगले दो दिन हरियाणा में मौसम परिवर्तनशील रहेगा। उत्तर हरियाणा के शहरों में बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है, जिससे प्रदूषण में कुछ राहत मिल सकती है। वहीं अन्य इलाकों में दिन का तापमान गिरने के आसार हैं।
हरियाणा में लागू हुआ GRAP-2
प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में ग्रैप-2 की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। इससे पहले 14 नवंबर को ग्रैप-1 चरण लागू किया गया था। अब बढ़ते खतरे को देखते हुए डीजल वाहनों पर सख्ती, औद्योगिक उत्सर्जन पर नियंत्रण, और निर्माण कार्यों में प्रतिबंध जैसे नियम लागू होंगे।
AQI के आधार पर ऐसे बदलते हैं ग्रैप के चरण
जब AQI 201 से 300 के बीच होता है तो ग्रैप-1,
301 से 400 के बीच होने पर ग्रैप-2,
401 से 450 तक पहुंचने पर ग्रैप-3,
और 450 से अधिक होने पर ग्रैप-4 (आपात चरण) लागू होता है।
वर्तमान में कई जिलों में AQI 500 तक पहुंचने से स्थिति अत्यधिक गंभीर मानी जा रही है।
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