राज्यसभा टिकट पर हरियाणा कांग्रेस में बवाल: कर्मवीर बौद्ध को उम्मीदवार बनाए जाने पर ओबीसी नेता तेलूराम जांगड़ा का इस्तीफा

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में विवाद बढ़ गया है। कर्मवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज ओबीसी नेता तेलूराम जांगड़ा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और कई अन्य नेताओं के भी पार्टी छोड़ने का दावा किया।

राज्यसभा टिकट पर हरियाणा कांग्रेस में बवाल: कर्मवीर बौद्ध को उम्मीदवार बनाए जाने पर ओबीसी नेता तेलूराम जांगड़ा का इस्तीफा

राज्यसभा टिकट पर कांग्रेस में बढ़ा असंतोष, ओबीसी नेता तेलूराम जांगड़ा ने दिया इस्तीफा
कर्मवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार बनाए जाने पर ओबीसी की अनदेखी का आरोप
जांगड़ा का दावा, कई और नेता भी छोड़ सकते हैं कांग्रेस


हरियाणा में राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के अंदर घमासान शुरू हो गया है। पार्टी हाईकमान द्वारा कर्मवीर सिंह बौद्ध को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद संगठन के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। इसी कड़ी में कांग्रेस के ओबीसी नेता और प्रदेश ओबीसी कार्यकारी अध्यक्ष तेलूराम जांगड़ा ने अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेज दिया है।

दैनिक भास्कर से बातचीत में तेलूराम जांगड़ा ने कहा कि राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में ओबीसी वर्ग को प्राथमिकता नहीं दी गई, जिससे वे बेहद आहत हैं। इसी के विरोध में उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया। उनका कहना है कि यह फैसला केवल उनका व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि हरियाणा के कई ओबीसी नेता भी पार्टी के इस निर्णय से नाराज हैं और जल्द ही कई अन्य नेता भी कांग्रेस छोड़ सकते हैं।

जांगड़ा को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का करीबी माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब धीरे-धीरे एक विशेष वर्ग की पार्टी बनती जा रही है, जबकि ओबीसी समाज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उनके अनुसार लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान भी ओबीसी वर्ग की उपेक्षा की गई, जिससे समाज में निराशा बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में ओबीसी और विश्वकर्मा समाज की आबादी लगभग 30 प्रतिशत है, लेकिन इसके बावजूद संगठन में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। यहां तक कि जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों में भी ओबीसी वर्ग को पर्याप्त जगह नहीं मिली

तेलूराम जांगड़ा लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। वे 2010 से 2016 तक हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने हरियाणा प्रदेश कांग्रेस में ओबीसी महासचिव और जिला महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया। इस्तीफे से पहले वे हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के ओबीसी कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे।

वहीं ओबीसी वर्ग से जुड़े नेता योगेंद्र योगी ने भी कहा कि राज्यसभा में ओबीसी को प्रतिनिधित्व न मिलने से समाज में नाराजगी है। हालांकि उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की जाएगी और समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ओबीसी वर्ग की नाराजगी बढ़ती है, तो इसका सीधा राजनीतिक फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिल सकता है, क्योंकि हरियाणा की राजनीति में ओबीसी मतदाताओं की बड़ी भूमिका मानी जाती है।

दरअसल, हरियाणा कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए कर्मवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार बनाया है, जो अंबाला के रहने वाले हैं। यह उनका पहला चुनाव होगा। बताया जा रहा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उनके नाम का सुझाव दिया था। दूसरी ओर भाजपा पहले ही पूर्व सांसद संजय भाटिया को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। राज्यसभा चुनाव के लिए आज नामांकन का आखिरी दिन है।