सियासी भूचाल: हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ 12 साल बाद CLU मामले में चार्जशीट

हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ CLU सीडी कांड में नारनौल कोर्ट में चालान पेश किया गया है। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दर्ज इस केस में 12 साल बाद सियासी हलचल तेज हो गई है।

सियासी भूचाल: हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ  12 साल बाद CLU मामले में चार्जशीट

हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ CLU सीडी कांड में चालान पेश
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज केस में कोर्ट में पेश हुई चार्जशीट
12 साल बाद दोबारा सुर्खियों में आया हाईप्रोफाइल मामला, सियासी हलचल तेज



हरियाणा की सियासत में एक बार फिर पुराना CLU सीडी कांड गूंज उठा है। हरियाणा कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ अब नारनौल की अदालत में चालान पेश किया गया है। यह चालान भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (PC Act) के तहत दाखिल हुआ है। मामला उस समय का है जब राव नरेंद्र सिंह तत्कालीन भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे।

जानकारी के अनुसार, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने उस समय एक स्टिंग ऑपरेशन किया था, जिसमें जमीन की चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) कराने के बदले कथित रूप से 30 से 50 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। पूरा मामला एक कॉम्पैक्ट डिस्क (CD) में रिकॉर्ड हुआ था, जिसे बाद में इनेलो के तत्कालीन विधायक रामपाल माजरा ने सार्वजनिक किया। इसी वजह से यह मामला CLU सीडी कांड के नाम से चर्चित हुआ था।

लोकायुक्त की जांच और FIR दर्ज होने की कहानी
साल 2014 में रामपाल माजरा ने यह शिकायत लोकायुक्त के पास दर्ज कराई थी, जिसकी जांच IPS अधिकारी वी. कामराजा को सौंपी गई। जांच के बाद 27 अप्रैल 2015 को रिपोर्ट सौंपी गई और 16 दिसंबर 2015 को लोकायुक्त ने हरियाणा के मुख्य सचिव को चिट्ठी भेजी। इसके बाद 29 जनवरी 2016 को राज्य सतर्कता ब्यूरो गुरुग्राम में राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ धारा 7 पीसी एक्ट में केस दर्ज हुआ।

वर्तमान में इस केस की जांच डीएसपी अशोक डागर (नारनौल यूनिट) कर रहे हैं। उन्होंने चालान एडिशनल सेशन जज हर्षाली चौधरी की अदालत में पेश किया है। अब यह मामला कोर्ट में चलेगा।

छह बड़े नेता आए थे सीडी में
उस समय इस मामले में तत्कालीन मंत्री राव नरेंद्र सिंह, संसदीय सचिव विनोद भयाना, पूर्व विधायक रामकिशन फौजी, जरनैल सिंह, नरेश सेलवाल और रामनिवास घोड़ेला के नाम सामने आए थे। सभी पर आरोप था कि उन्होंने जमीन की CLU मंजूरी के बदले रिश्वत की मांग की थी।

सियासी हलचल और सवालों की बौछार
करीब 12 साल तक यह मामला ठंडे बस्ते में रहा। अब राव नरेंद्र सिंह के कांग्रेस अध्यक्ष बनते ही चार्जशीट दाखिल होने को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे “राजनीतिक टाइमिंग” बताते हुए सवाल उठाए हैं, वहीं कांग्रेस खेमे का कहना है कि मामला पुराना है और कानून अपना काम करेगा