हरियाणा कैबिनेट की बड़ी बैठक शुरू, 2600 पटवारियों को राहत की तैयारी; टीचर ट्रांसफर पॉलिसी पर भी मंथन

हरियाणा कैबिनेट बैठक में 2600 पटवारियों की ट्रेनिंग अवधि घटाने, भत्ता बढ़ाने, दयालु योजना में राहत और नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी पर चर्चा होने की संभावना है।

हरियाणा कैबिनेट की बड़ी बैठक शुरू, 2600 पटवारियों को राहत की तैयारी; टीचर ट्रांसफर पॉलिसी पर भी मंथन

➤ 2600 पटवारियों की ट्रेनिंग 18 माह से घटाकर 12 माह करने का प्रस्ताव

➤ प्रशिक्षण भत्ता 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपए किए जाने की संभावना

➤ नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी और दयालु योजना पर भी होगा फैसला


हरियाणा सरकार ने राजस्व विभाग में कर्मचारियों की कमी दूर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारियों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। चंडीगढ़ में शुरू हुई कैबिनेट बैठक में करीब 2600 नव-नियुक्त पटवारियों को राहत देने वाले प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि सरकार उनकी ट्रेनिंग अवधि 18 माह से घटाकर 12 माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है।

सरकार का मानना है कि लंबी प्रशिक्षण अवधि के कारण बड़ी संख्या में चयनित पटवारी समय पर फील्ड में नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे इंतकाल, जमाबंदी, भूमि रिकॉर्ड और राजस्व संबंधी अन्य कार्यों के निपटारे में देरी हो रही है। ट्रेनिंग अवधि कम होने से इन सेवाओं में तेजी आने की उम्मीद है।

प्रस्ताव के अनुसार कुल 12 माह की ट्रेनिंग में 6 माह स्किलिंग और 6 माह फील्ड ट्रेनिंग शामिल होगी। इसके साथ ही प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाले मासिक भत्ते को भी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रशिक्षु पटवारियों को 10 हजार रुपए प्रतिमाह भत्ता मिलता है, जिसे बढ़ाकर 20 हजार रुपए तक किया जा सकता है।

प्रदेश में भर्ती किए गए करीब 2600 पटवारियों की ट्रेनिंग जनवरी 2025 से चल रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले ही पटवारी सम्मेलन में प्रशिक्षण अवधि कम करने की घोषणा कर चुके हैं। अब इस फैसले को औपचारिक मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है।

कैबिनेट बैठक में दयालु योजना-1 से जुड़े प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। फिलहाल योजना के तहत मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में लाभ लेने के लिए तीन माह के भीतर दावा दाखिल करना जरूरी है। सरकार इस समय सीमा को बढ़ाकर छह माह करने पर विचार कर रही है, जिससे अधिक लाभार्थियों को राहत मिल सके।

इसके अलावा राज्य की नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। शिक्षा विभाग की ओर से तैयार किए गए ड्राफ्ट में अविवाहित महिला शिक्षकों को अविवाहित होने के आधार पर मिलने वाले 10 अंकों को हटाने का प्रस्ताव है। इस मुद्दे को लेकर शिक्षकों और विभिन्न संगठनों के बीच बहस चल रही है। कैबिनेट बैठक में इस ड्राफ्ट पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।