हरियाणा की जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या, रोहित गोदारा गैंग ने ली जिम्मेदारी, कहा- राम मंदिर पर हमला...
फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में रोहित गोदारा गैंग ने कथित जिम्मेदारी का दावा किया है और अरुण चौधरी का समर्थन कहा गया है, जबकि पुलिस जांच जारी है।
➤ जेल हत्याकांड पर सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में गैंग ने जिम्मेदारी लेने का दावा
➤ पोस्ट में आरोपी अरुण चौधरी को सलाम और देश विरोधी गतिविधियों को चेतावनी कहा गया
➤ पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई जिम्मेदारी नहीं स्वीकारने की पुष्टि की
हरियाणा की नीमका जेल में बंद आतंकी अब्दुल रहमान की जेल के भीतर हत्या के मामले में अब एक सोशल मीडिया पोस्ट ने नया विवाद पैदा कर दिया है, जिसमें कथित रूप से रोहित गोदारा गैंग से जुड़े एक सदस्य ने जिम्मेदारी लेने जैसा दावा किया है और घटना को देश विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई बताया है। पुलिस और जेल प्रशासन इस दावे की पुष्टि किए बिना पूरी जांच कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट, जिसे रोहित गोदारा गैंग से जुड़े महेंद्र डेलाना के नाम से साझा किया गया बताया जा रहा है, उसमें लिखा गया है कि अब्दुल रहमान एक आतंकवादी था और वह राम मंदिर पर हमले की साजिश में शामिल था और इसी कारण उसे जेल में मार दिया गया। पोस्ट में आरोपी अरुण चौधरी को गैंग की तरफ से सलाम और धन्यवाद कहा गया है, साथ ही “जो भी हमारे देश के खिलाफ जाएगा, उसका यही अंजाम होगा” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।
पोस्ट में आगे कहा गया कि जब अब्दुल रहमान को फरीदाबाद में पकड़ा गया था, तब उसके पास दो हैंड ग्रेनेड मिले थे और वह देश के खिलाफ “कई आतंकवादी गतिविधियों” में शामिल रहा है। पोस्ट के कथन में ऐसे बयान भी शामिल हैं जिन्हें पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है।
अब्दुल रहमान (20) को 2 मार्च 2025 को गुजरात ATS और हरियाणा STF के संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे, जिन्हें बाद में बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय किया था, और जांच एजेंसियों ने उसे अयोध्या के राम मंदिर समेत संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने की साजिश में शामिल बताया था।
फरीदाबाद जिला जेल में रहमान की हत्या उस समय हुई जब एक अन्य कैदी, अरुण चौधरी ने उस पर नुकीली चीज से हमला किया। पुलिस ने रहमान के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है और मामले की पूरी जांच जारी है। जेल में सुरक्षा और निगरानी प्रबंधन के पहलुओं पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अभी तक पुलिस ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है कि इस सोशल मीडिया पोस्ट में लिखी बातों की सत्यता क्या है, और न ही किसी संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी सरकारी स्तर पर स्वीकार की है। जांच एजेंसियां कैदियों और जेल अधिकारियों से पूछताछ कर रही हैं और घटना के कारणों तथा प्रेरणा पर पूरी जांच कर रही हैं।
इस बीच रहमान की गिरफ्तारी, उसके पास मिले हथियार तथा कथित साजिश की भूतपूर्व गंभीरता को देखते हुए यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Akhil Mahajan