दशहरे पर हर राशि के लिए खास संदेश, पांच शुभ संयोग में देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा दशहरा
दशहरा 2025 पांच शुभ संयोग में मनाया जा रहा है। आज रावण दहन, दुर्गा विसर्जन, मां अपराजिता की पूजा और शस्त्र पूजन का विशेष महत्व है। पीएम मोदी ने देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।
➤ दशहरा 2025 पर हर राशि के लिए शुभ संकेत
➤ ग्रह-नक्षत्र देंगे स्वास्थ्य, करियर और रिश्तों में नई दिशा
➤ हर राशि के लिए विशेष शुभ अंक, रंग और उपाय
आज दशहरा 2 अक्टूबर 2025 के दिन सभी 12 राशियों के जातकों के लिए दिन विशेष और ऊर्जावान है। बुराई पर अच्छाई की जीत के इस पर्व पर ग्रह-नक्षत्र भी अद्भुत संयोग बना रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज का दिन आत्मविश्वास, नई शुरुआत, रिश्तों की मजबूती और स्वास्थ्य लाभ से जुड़ा हुआ है।
प्रत्येक राशि के लिए शुभ अंक और शुभ रंग अलग-अलग हैं, जिनके माध्यम से सकारात्मकता और सफलता पाई जा सकती है। इसके अलावा, विशेष उपाय बताए गए हैं जिन्हें अपनाकर व्यक्ति अपनी कार्यक्षमता और भाग्य को और अधिक प्रभावशाली बना सकता है।
मेष (Aries)
आज का दिन उत्साह से भरा रहेगा। मेहनत का फल मिलेगा और रिश्तों में मजबूती आएगी। स्वास्थ्य पर ध्यान देने की ज़रूरत है।
भाग्यशाली अंक – 11
भाग्यशाली रंग – हल्का नीला
उपाय – हनुमानजी को गुड़ और चने का भोग लगाएं।
वृषभ (Taurus)
निजी जीवन में सामंजस्य और काम में सफलता मिलेगी। नई परियोजनाओं की शुरुआत के लिए शुभ समय।
भाग्यशाली अंक – 4
भाग्यशाली रंग – गुलाबी
उपाय – मां दुर्गा को लाल पुष्प अर्पित करें।
मिथुन (Gemini)
बातचीत और संचार में निखार आएगा। मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें और योग-ध्यान करें।
भाग्यशाली अंक – 9
भाग्यशाली रंग – आसमानी नीला
उपाय – तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाएं।
कर्क (Cancer)
रिश्तों में मजबूती और कार्यस्थल पर नई योजनाओं की शुरुआत का अवसर।
भाग्यशाली अंक – 3
भाग्यशाली रंग – गहरा हरा
उपाय – दूध में शक्कर डालकर शिवलिंग पर अर्पित करें।
सिंह (Leo)
नई संभावनाएं और आत्मविश्वास बढ़ेगा। सामाजिक जीवन सक्रिय रहेगा।
भाग्यशाली अंक – 8
भाग्यशाली रंग – नीला
उपाय – सूर्य देव को जल अर्पित करें।
कन्या (Virgo)
विविधता और टीम वर्क से लाभ मिलेगा। धैर्य बनाए रखें।
भाग्यशाली अंक – 2
भाग्यशाली रंग – काला
उपाय – कन्याओं को भोजन कराएं।
तुला (Libra)
रचनात्मकता और स्पष्ट सोच से लाभ होगा। रिश्तों में गहराई आएगी।
भाग्यशाली अंक – 13
भाग्यशाली रंग – सफेद
उपाय – किसी गरीब को दूध और मिठाई दान करें।
वृश्चिक (Scorpio)
नई ऊर्जा और पेशेवर जीवन में सफलता मिलेगी। भावनात्मक स्पष्टता बढ़ेगी।
भाग्यशाली अंक – 7
भाग्यशाली रंग – नारंगी
उपाय – मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।
धनु (Sagittarius)
नए अवसर और रिश्तों में गहराई। योग और ध्यान से लाभ।
भाग्यशाली अंक – 12
भाग्यशाली रंग – मैरून
उपाय – पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें।
मकर (Capricorn)
खुशियों और रचनात्मकता का दिन। आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें।
भाग्यशाली अंक – 6
भाग्यशाली रंग – लाल
उपाय – चींटियों को आटा डालें।
कुंभ (Aquarius)
नई पहल और सामाजिक विस्तार के लिए शुभ दिन। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
भाग्यशाली अंक – 10
भाग्यशाली रंग – पीला
उपाय – किसी मंदिर में सरसों का तेल दान करें।
मीन (Pisces)
नए अवसर और गहरे रिश्तों का समय। योग-ध्यान से संतुलन मिलेगा।
भाग्यशाली अंक – 5
भाग्यशाली रंग – हरा
उपाय – शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें।
आज पूरा देश विजयादशमी की उल्लासमयी धूम में सराबोर है। इस बार का दशहरा 2 अक्टूबर, गुरुवार को पांच दुर्लभ शुभ संयोग में मनाया जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी दशहरा के दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। धार्मिक मान्यता के अनुसार प्रभु श्रीराम ने 10 दिनों तक चले भीषण युद्ध के बाद रावण का वध किया था। उसी की स्मृति और धर्म की विजय के उत्सव में दशहरा पूरे भारत में मनाया जाता है।
आज दशहरे के साथ ही नवरात्र और दुर्गा पूजा का समापन भी हो रहा है। सुबह के मुहूर्त में दुर्गा विसर्जन की विधि सम्पन्न की जा रही है। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से अगले वर्ष पुनः आगमन का निवेदन कर उन्हें विदाई दी। इस बार देवी का प्रस्थान पालकी में हो रहा है, जिसे सुख और समृद्धि का प्रतीक माना गया है।
दशहरे के दिन मां अपराजिता की पूजा का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि मां अपराजिता की आराधना से शत्रुओं पर विजय और सभी कार्यों में सफलता मिलती है। भक्त आज “ॐ अपराजितायै नमः” मंत्र का जाप कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विजयादशमी पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व बुराई और असत्य पर अच्छाई और सत्य की विजय का प्रतीक है। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों से साहस, बुद्धि और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर रहने का संदेश दिया।
दशहरे का एक अन्य पहलू शस्त्र पूजा है। यह परंपरा शक्ति और साहस का प्रतीक मानी जाती है। लोग अपने अस्त्र-शस्त्र, औज़ार और कार्य साधनों की पूजा कर उन्हें सम्मान देते हैं। शाम को देशभर में आयोजित रामलीलाओं का समापन भी रावण दहन के साथ होगा।
धार्मिक विद्वानों का कहना है कि दशहरा न केवल धार्मिक उत्सव है बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में बुराई के विरुद्ध सामूहिक चेतना का प्रतीक है। लोगों का मानना है कि यदि हम अपने भीतर के रावण को समाप्त कर लें तो सच्चे अर्थों में विजयादशमी का उत्सव सफल होगा।
Akhil Mahajan