कार में मौजूद डॉ. उमर का DNA मैच, धमाके का सबसे क्लोज CCTV वीडियो आया सामने, देखें सिग्नल पर कैसे ब्लास्ट से उड़े गाड़ियों के परखच्‍चे

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट में डॉ. उमर की पहचान DNA से हुई। CCTV फुटेज में 10 सेकेंड में दिखा धमाका, 13 मौतें हुईं। फरीदाबाद में दूसरी कार की जांच शुरू।

कार में मौजूद डॉ. उमर का DNA मैच, धमाके का सबसे क्लोज CCTV वीडियो आया सामने, देखें सिग्नल पर कैसे ब्लास्ट से उड़े  गाड़ियों के परखच्‍चे

  • दिल्ली ब्लास्ट में कार सवार डॉ. उमर की पहचान DNA से हुई पुष्टि

  • CCTV वीडियो में 10 सेकेंड में दिखा भयावह धमाका, 20 से ज्यादा गाड़ियां तबाह

  • सरकार ने माना आतंकी हमला, NSG टीम ने दूसरी गाड़ी की जांच शुरू की


नई दिल्ली। लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों ने पुष्टि की है कि धमाके के वक्त कार में मौजूद व्यक्ति डॉ. उमर उन नबी था। उसका DNA उसकी मां के DNA से मैच हो गया है। टीमों को कार से उमर के दांत, हड्डियां, खून से सने कपड़े और पैर का हिस्सा मिला था, जो स्टीयरिंग व्हील और एक्सीलेटर के बीच फंसा हुआ था।

CCTV फुटेज में रिक्शा के पीछे ब्लास्ट वाली i20 कार नजर आ रही है।

ब्लास्ट का सबसे क्लोज CCTV फुटेज भी सामने आया है। 10 सेकेंड के वीडियो में दिखा कि शाम 6:51 बजे जब सिग्नल ग्रीन हुआ, तो i20 कार में अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास खड़ी 20 से ज्यादा गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए और आग की लपटें उठीं। यह मंजर देख लोगों में अफरातफरी मच गई।

धमाका इतना जोरदार था कि आसपास खड़ी गाड़ियां आग की चपेट में आ गई।

10 नवंबर को हुए इस धमाके में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायलों का इलाज जारी है। केंद्र सरकार ने इस हमले को आतंकी हमला घोषित कर दिया है। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में टेरर अटैक पर प्रस्ताव पारित किया गया।

पुलिस ने बुधवार रात हरियाणा के खंदावली गांव से एक शख्स को हिरासत में लिया। यहीं से इको स्पोर्ट्स कार बरामद हुई है।

उधर, पुलिस को फरीदाबाद के खंदावली गांव में लाल रंग की इको स्पोर्ट कार मिली है। यह वही क्षेत्र है जहां उमर के ड्राइवर की बहन रहती है। NSG की बम स्क्वाड टीम ने मौके पर पहुंचकर गाड़ी की जांच शुरू कर दी है।

जांच में तीन अहम खुलासे हुए हैं। पहला, आतंकियों ने जनवरी में ही लाल किले की रेकी की थी और 26 जनवरी को हमला करने की योजना बनाई थी। दूसरा, 6 दिसंबर को दूसरा ब्लास्ट करने का प्लान था, लेकिन साथी की गिरफ्तारी से साजिश नाकाम रही। तीसरा, आरोपी डॉ. मुजम्मिल गनी विस्फोटक सामग्री को खाद की बोरियां बताकर यूनिवर्सिटी के पास के किराए के कमरे में रख रहा था।

गिरफ्तार आरोपियों में छह डॉक्टर शामिल हैं, जबकि श्रीनगर निवासी डॉ. निसार फरार चल रहा है। यह पूरा मॉड्यूल फरीदाबाद में सक्रिय था और इसका मकसद राष्ट्रीय राजधानी में बड़ा आतंकी हमला करना था।