CJP के तीनों नेता 23 घंटे बाद रिहा, एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त; CEC के इस्तीफे पर आज फिर प्रदर्शन
CJP के तीन नेता 23 घंटे बाद एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर रिहा हुए। पार्टी ने CEC के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में फिर प्रदर्शन का ऐलान किया।
➤ अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका 23 घंटे हिरासत में रहने के बाद रिहा
➤ मजिस्ट्रेट कोर्ट ने एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर दी रिहाई
➤ मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर CJP का जंतर-मंतर पर लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन का ऐलान
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने करीब 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद रविवार सुबह रिहा कर दिया। तीनों नेताओं को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया था। कोर्ट ने उन्हें एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर रिहा किया। पुलिस ने शनिवार को CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले तीनों नेताओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से हिरासत में लिया था। दिल्ली पुलिस ने इसे एहतियातन की गई कार्रवाई बताया था। रिहाई के बाद तीनों नेता दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन से बाहर निकले, लेकिन उन्होंने मीडिया से बातचीत नहीं की। दूसरी ओर, CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को लगातार दूसरे दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। शनिवार को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कई स्थानों पर रोक दिया था और अलग-अलग इलाकों में हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया था। इस बीच दिल्ली में रेल और मेट्रो सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों, पुलिस कार्रवाई तथा अदालत के निर्देशों के पालन को लेकर भी मामला चर्चा में है।
एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर रिहाई
CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह के मुताबिक, अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर रिहा किया गया है। तीनों नेताओं को शनिवार को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने बताया था कि यह कार्रवाई एहतियातन की गई थी।
रविवार सुबह रिहाई के बाद तीनों नेता दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन से रवाना हो गए। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया। CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कार के अंदर से जानकारी दी कि पार्टी दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। पार्टी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कॉकरोच कभी नहीं मरते।”
CEC के इस्तीफे की मांग पर आज फिर प्रदर्शन
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को जंतर-मंतर पर लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन करने की घोषणा की है। शनिवार को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग और नाकेबंदी की थी। कई युवा छोटे समूहों में प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश करते रहे, लेकिन पुलिस की व्यवस्था के कारण वे वहां नहीं पहुंच सके।
पुलिस के अनुसार, शनिवार को अलग-अलग इलाकों में 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें कई राजनीतिक नेता भी शामिल बताए गए। प्रदर्शन के दौरान दो स्थानों पर पथराव की खबर आई थी और पुलिस के सात जवान घायल हुए थे। कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई थी।
दिल्ली पुलिस ने शनिवार के प्रदर्शन के संबंध में 20 से अधिक FIR दर्ज किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ये मामले कानून हाथ में लेने, सरकारी कामकाज में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट जैसे आरोपों से जुड़े हैं।
प्रदर्शन के दौरान मारपीट के मामले में चार गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान सिविक सेंटर के पास प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट के वायरल वीडियो के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस इस मामले में सामने आए वीडियो और घटनाक्रम के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। रविवार को भी 30 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की जानकारी दी गई। बॉर्डर क्षेत्रों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो स्टेशनों और बस टर्मिनलों पर निगरानी बढ़ाई गई है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 120 से अधिक कंपनियां दिल्ली पुलिस की सहायता कर रही हैं।
नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटकर वरिष्ठ अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही होटल, गेस्ट हाउस, लॉज और धर्मशालाओं में लोगों का सत्यापन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों को एकत्र होने से रोकने के लिए सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
ध्रुव राठी भी हिरासत से रिहा
CJP के प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए यूट्यूबर और इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को भी रविवार सुबह करीब 3 बजे रिहा कर दिया गया। उन्हें शनिवार को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यदि वह प्रतिबंधों के बावजूद रविवार को जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें दोबारा हिरासत में लिया जा सकता है या उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह जानकारी पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आई है।
दीपके की दादी के निधन के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार रोका
अभिजीत दीपके के परिवार ने उनके दिल्ली से लौटने तक उनकी दादी का अंतिम संस्कार रोक रखा था। महाराष्ट्र के हिंगोली में उनकी मां अनीता ने कहा कि परिवार का अभिजीत से संपर्क नहीं हो पा रहा था। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर गलत जानकारी देने का आरोप भी लगाया।
परिवार के मुताबिक, अभिजीत की 85 वर्षीय दादी सावित्रीबाई शंकरराव दीपके का शनिवार सुबह 11:30 बजे निधन हो गया था। दिल्ली पुलिस ने कहा था कि अभिजीत को उनके निधन की जानकारी दे दी गई है और घर जाने का फैसला उन्हें करना है। इस घटनाक्रम के बीच उनकी रिहाई का परिवार इंतजार कर रहा था।
ट्रेन और मेट्रो सेवाओं को लेकर भी विवाद
दिल्ली में प्रदर्शन के मद्देनजर रेल और मेट्रो सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर भी कानूनी विवाद सामने आया है। उपलब्ध अपडेट के अनुसार, बड़ी संख्या में ट्रेनें रद्द किए जाने और 45 मेट्रो स्टेशन बंद रखने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को छुट्टी के दिन सुनवाई करने का निर्णय लिया।
इस मामले में गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के चेयरपर्सन के खिलाफ अदालत के आदेश की अनदेखी के आरोप में अवमानना कार्रवाई की मांग की गई है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो और ट्रेन सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं करने का निर्देश दिया था।
रविवार सुबह के अपडेट के अनुसार, दिल्ली में रेल सेवाएं बहाल होने की जानकारी भी सामने आई। वहीं, सभी मेट्रो स्टेशन खोल दिए जाने की सूचना के साथ कई स्थानों पर पुलिस की तैनाती जारी रही। इन प्रतिबंधों और अदालत के निर्देशों के अनुपालन को लेकर आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त, सीमाओं पर जांच
लगातार दूसरे दिन राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। हरियाणा सीमा पर बदरपुर के पास वाहनों की जांच के बाद उन्हें दिल्ली में प्रवेश दिया जा रहा था। मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के बाहर बसें तैनात की गईं और कनॉट प्लेस क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे।
शनिवार को प्रदर्शन रोकने के लिए बैरिकेडिंग, नाकेबंदी और यातायात प्रतिबंध लगाए गए थे। प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट बंद किए जाने की भी जानकारी दी गई। नेताओं, वकीलों, पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों की हिरासत को लेकर संयुक्त राष्ट्र की ओर से चिंता जताए जाने की बात भी सामने आई।
फिलहाल CJP ने रविवार को फिर प्रदर्शन का ऐलान किया है। तीन नेताओं की रिहाई के बाद अब पार्टी की दोपहर 2 बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस और जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन पर नजर रहेगी।
Akhil Mahajan