क्या बंद हो रहे कनाडा के दरवाजे बंद? 80% भारतीय छात्रों के वीजा ठुकराए, 10 साल का सबसे बड़ा झटका
2025 में कनाडा में भारतीय छात्र वीजा अस्वीकृति दर 80% तक पहुंच गई। वित्तीय प्रमाणपत्र की राशि बढ़ने और दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया में कड़ाई के कारण छात्र वीजा आवेदन पर असर पड़ा। छात्र अन्य देशों की ओर रुझान कर रहे हैं।
➤ कनाडा में भारतीय छात्र वीजा अस्वीकृति दर 80% तक पहुंची
➤ कड़ा दस्तावेज़ सत्यापन और बढ़ाए गए वित्तीय प्रमाणपत्र ने बढ़ाई अस्वीकृतियों की संख्या
➤ छात्र अन्य देशों जैसे जर्मनी की ओर रुझान कर रहे हैं
2025 में कनाडा ने भारतीय छात्रों के लिए छात्र वीजा आवेदन अस्वीकृति दर में बड़ा इजाफा दर्ज किया है। इस वर्ष भारतीय छात्रों के लगभग 80% छात्र वीजा आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं, जो पिछले एक दशक में सबसे उच्चतम स्तर माना जा रहा है। इससे भारतीय छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए कनाडा जाने की योजना पर गहरा असर पड़ा है।
कड़े नियम और वित्तीय प्रमाणपत्र की भूमिका
कनाडा सरकार ने छात्र वीजा प्रक्रिया को और सख्त बना दिया है। अब आवेदन के लिए वित्तीय प्रमाणपत्र की राशि पहले से दोगुनी कर दी गई है, जिससे अधिकतर छात्रों के लिए आवश्यक वित्तीय योग्यता पूरी करना मुश्किल हो गया। इसके अलावा, दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया को भी और कड़ा कर दिया गया है। ऐसे हालात में फर्जी दस्तावेजों के उपयोग पर रोक लगाने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं।
अस्थायी निवासियों की संख्या में कटौती का लक्ष्य
कनाडा सरकार ने 2027 तक अस्थायी निवासियों की संख्या को 5% से भी कम करने का लक्ष्य रखा है। इस नीति का सीधा असर छात्र वीजा आवेदनों पर पड़ा है। सरकार का मानना है कि इससे अस्थायी निवासियों की संख्या में नियंत्रण रहेगा और देश की आर्थिक, सामाजिक स्थिरता बनी रहेगी।
भारतीय छात्रों पर गहरा प्रभाव
विभिन्न शिक्षण संस्थानों से विदेश पढ़ाई के लिए आवेदन कर चुके भारतीय छात्रों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है। कई छात्र जिनके पास मजबूत अकादमिक रिकॉर्ड और योग्य वित्तीय प्रमाणपत्र भी हैं, उन्हें वीजा अस्वीकृति का सामना करना पड़ा। इस परिस्थिति ने छात्रों के भविष्य को अनिश्चित बना दिया है।
जर्मनी बन रहा आकर्षक विकल्प
कनाडा में कड़ी वीजा प्रक्रिया के चलते भारतीय छात्र अन्य देशों की ओर रुझान कर रहे हैं। विशेष रूप से जर्मनी ने भारतीय छात्रों के लिए आकर्षक विकल्प पेश किए हैं। जर्मनी की सरकार ने छात्र वीजा प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ-साथ सस्ती शिक्षा प्रदान करने का अवसर बढ़ाया है। इसी कारण जर्मनी में भारतीय छात्रों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
समाधान के सुझाव
विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को अपने वित्तीय दस्तावेजों को समय से पहले तैयार करना चाहिए। प्रमाणित बैंक स्टेटमेंट और उचित वित्तीय योजना के माध्यम से आवश्यक योग्यता पूरी करने पर ध्यान देना जरूरी है। इसके अलावा, फर्जी दस्तावेजों से बचने के लिए पूरी पारदर्शिता रखनी होगी। वैकल्पिक देशों पर विचार करते हुए छात्र अपने करियर की दिशा को संवार सकते हैं।