एअर इंडिया की इंटरनेशनल उड़ानें 17,800 रुपए तक महंगी: घरेलू उड़ानों पर भी बढ़ा चार्ज, महंगा ईंधन वजह; इंडिगो पहले ही बढ़ा चुकी किराया
एअर इंडिया ने महंगे जेट फ्यूल के कारण घरेलू उड़ानों पर ₹1,200 और इंटरनेशनल उड़ानों पर ₹17,800 तक एक्स्ट्रा फ्यूल चार्ज लगाने का फैसला किया है।
➤ घरेलू उड़ानों पर 1,200 रुपए तक एक्स्ट्रा फ्यूल चार्ज
➤ इंटरनेशनल उड़ानों पर 17,800 रुपए तक बढ़ेगा चार्ज
➤ 9 अक्टूबर रात 12:01 बजे से लागू होंगी नई दरें
हवाई सफर करने वालों के लिए किराया एक बार फिर बढ़ने जा रहा है। एअर इंडिया ने जेट फ्यूल यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा होने के कारण घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों पर अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाने का ऐलान किया है। एयरलाइन के मुताबिक, घरेलू उड़ानों में 1,200 रुपए तक और इंटरनेशनल उड़ानों में 17,800 रुपए तक एक्स्ट्रा फ्यूल चार्ज लगाया जाएगा। नई दरें 9 अक्टूबर रात 12:01 बजे से लागू होंगी। यह नया फ्यूल चार्ज एअर इंडिया एक्सप्रेस पर भी लागू होगा, क्योंकि दोनों एयरलाइन टाटा ग्रुप की हैं। एअर इंडिया ने पिछले 7 महीने में तीसरी बार फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है। इससे पहले इसी साल 10 मार्च और फिर 7 अप्रैल को किराया बढ़ाया गया था।
एयरलाइन ने किराए में यह बढ़ोतरी एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए की है। विमान संचालन में ईंधन सबसे बड़े खर्चों में शामिल होता है और इसके दाम बढ़ने का सीधा असर एयरलाइंस की लागत पर पड़ता है। इसी वजह से एयरलाइंस अतिरिक्त फ्यूल चार्ज के जरिए बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा यात्रियों से वसूल रही हैं।
एअर इंडिया से पहले देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो भी फ्यूल महंगा होने के कारण किराया बढ़ा चुकी है। इंडिगो ने दो दिन पहले यानी 6 अक्टूबर 2026 से फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया था। इंडिगो ने पिछले 6 महीने में तीसरी बार फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है। इससे पहले एयरलाइन ने इस साल 14 मार्च और फिर 1 अप्रैल को किराया बढ़ाया था।
जेट फ्यूल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने एयरलाइंस की लागत पर दबाव बढ़ाया है। 1 अक्टूबर से घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की कीमत ₹121 से बढ़कर ₹137 प्रति लीटर हो गई है। यानी एक लीटर जेट फ्यूल की कीमत में ₹16, करीब 13.2% की बढ़ोतरी हुई है।
पिछले तीन महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जेट फ्यूल की कीमत लगातार बढ़ी है। अगस्त 2026 में ₹5 प्रति लीटर, सितंबर 2026 में ₹6.28 प्रति लीटर और अक्टूबर 2026 में ₹16 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। यानी तीन महीने में जेट फ्यूल कुल ₹27.28 प्रति लीटर महंगा हुआ है।
इंडिगो के अनुसार, पिछले एक ही महीने में जेट फ्यूल के दाम 14% से ज्यादा बढ़ चुके हैं। इसके चलते विमानों में इस्तेमाल होने वाला ईंधन पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा महंगा हो गया है। ईंधन की कीमतों में इतनी तेज बढ़ोतरी का असर एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च पर पड़ रहा है।
एयरलाइंस के कुल ऑपरेटिंग खर्च में जेट फ्यूल की हिस्सेदारी 30% से 40% तक होती है। ऐसे में ईंधन की कीमत बढ़ने पर विमान कंपनियों की लागत में भी बड़ा इजाफा होता है। इसी बढ़ी हुई लागत को देखते हुए एअर इंडिया और इंडिगो ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया है।
एअर इंडिया की ओर से की गई यह बढ़ोतरी घरेलू के साथ-साथ इंटरनेशनल यात्रियों को भी प्रभावित करेगी। घरेलू उड़ानों पर जहां अतिरिक्त फ्यूल चार्ज 1,200 रुपए तक होगा, वहीं इंटरनेशनल उड़ानों पर यह चार्ज 17,800 रुपए तक पहुंच सकता है। नई दरें 9 अक्टूबर की रात से लागू होने के बाद टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को इसका असर किराए में दिखाई देगा।
लगातार बढ़ रहे जेट फ्यूल के दामों के बीच एयरलाइंस की ओर से फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का सिलसिला जारी है। एअर इंडिया ने 7 महीने में तीसरी बार और इंडिगो ने 6 महीने में तीसरी बार फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है। ऐसे में आने वाले समय में हवाई यात्रा की लागत पर ईंधन की कीमतों का असर अहम बना रहेगा।
Akhil Mahajan