10 साल बाद मिली थी पहली संतान की खुशियां और टूट गया पूरा परिवार, जच्चा - बच्चा की...
हरियाणा के यमुनानगर में डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत से हड़कंप मच गया। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ की। शादी के दस साल बाद यह पहला बच्चा था।
➤ यमुनानगर में डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत पर परिजनों का हंगामा
➤ अस्पताल में तोड़फोड़, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
➤ शादी के दस साल बाद पहली संतान थी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हरियाणा के यमुनानगर जिले से शुक्रवार सुबह दर्दनाक खबर सामने आई। डिलीवरी के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। मृतका की पहचान 28 वर्षीय कोमल पत्नी अनूप निवासी अशोक विहार के रूप में हुई है। कोमल की शादी को 10 साल हो चुके थे, और यह उसकी पहली संतान थी, जिसका परिवार बेसब्री से इंतजार कर रहा था।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण जच्चा-बच्चा की जान गई। जैसे ही मौत की खबर परिजनों तक पहुंची, उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। अस्पताल में कई शीशे तोड़े गए और स्टाफ से भी कहासुनी हुई।
सूचना मिलने पर जगाधरी सिटी थाना पुलिस और डीएसपी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। लगभग एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर परिजन शांत हुए।
डॉक्टर का पक्ष
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि डिलीवरी के दौरान मरीज की स्थिति अचानक बिगड़ गई थी, डॉक्टरों ने पूरा प्रयास किया, लेकिन जच्चा-बच्चा को नहीं बचाया जा सका। वहीं, डॉक्टर ने आरोप लगाया कि मृतका के परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और उन्हें भी धमकाया।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल यमुनानगर में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। जगाधरी सिटी थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार वालों का कहना है कि कोमल की मौत के बाद घर में मातम का माहौल है। शादी के दस साल बाद आई खुशी कुछ ही पलों में मातम में बदल गई।
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