हरियाणा पुलिस के साइबर सेल के एएसआई ने खुद को गोली मारी, आईपीएस पूरन कुमार और उनके परिवार पर गंभीर आरोप
रोहतक साइबर सेल में तैनात एएसआई ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की। तीन पेज का सुसाइड नोट और वीडियो मैसेज में आईपीएस वाई पूरन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए।
➤ रोहतक साइबर सेल के ASI संदीप कुमार ने आत्महत्या की
➤ मौके से तीन पन्नों का सुसाइड नोट व वीडियो मैसेज बरामद
➤ नोट में आईपीएस वाई पूरन कुमार व गनमैन सुशील कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप
रोहतक में लाढ़ौत रोड के एक खेत में बने मकान से साइबर सेल में तैनात ASI संदीप कुमार का शव मिला है, पुलिस का कहना है कि उन्होंने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है। घटनास्थल से एक तीन पन्नों का सुसाइड नोट और एक वीडियो मैसेज बरामद हुआ है जिसमें संदीप ने आईपीएस वाई पूरन कुमार तथा उनके गनमैन सुशील कुमार पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। संदीप जींद के रहने वाले थे और पिछले लगभग एक साल से रोहतक साइबर सेल में तैनात थे; वे परिवार के मामा के घर पर रहते थे और आज सुबह ड्यूटी पर नहीं पहुँचे तो साथी कर्मचारियों ने खोज शुरू की।
पुलिस कंट्रोल रूम को दोपहर करीब 2 बजे सूचना मिली, जिसके बाद SP सुरेंद्र भौरिया, ASP प्रतीक अग्रवाल और सदर थाना की टीम घटनास्थल पर पहुँची। साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम और फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. सरोज दहिया की टीम भी बुलायी गयी और स्थान से मोबाइल, लैपटॉप व दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं। संदीप के वीडियो संदेश में उन्होंने कई नामों का जिक्र किया, कहा कि रिश्वत की रकम गाड़ी के डैशबोर्ड में पायी गयी और कुछ मामलों में व्यापारी को दबाया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि 6 अक्टूबर को रोहतक पुलिस ने गनमैन सुशील कुमार को शराब कारोबारी से रिश्वत मांगने पर गिरफ्तार किया था और अगले दिन 7 अक्टूबर को वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ में खुदकुशी कर ली थी — संदीप ने कहा कि पूरन के सुसाइड का कारण बदनामी के डर और परिवार तथा उनकी राजनीतिक छवि पर असर होना था।
पुलिस ने फिलहाल सुसाइड नोट और वीडियो की सामग्री की आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं की है और मामले की निष्पक्ष जांच जारी रखने का दावा किया है। स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का परीक्षण शुरू कर दिया है और आगामी जांच में नोट और वीडियो के दावे के सत्यापन, संभावित आपराधिक कड़ियों और किसी भी बाहरी दबाव की भूमिका की छानबीन की जाएगी।
परिवार वालों से बातचीत व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटना ने पहले से विवादास्पद चल रहे आईपीएस वाई पूरन कुमार प्रकरण के बाद पुलिस महकमे में नई हलचल पैदा कर दी है और स्थानीय नागरिक व राजनीतिक परिदृश्य में भी प्रश्न खड़े कर दिए हैं कि क्या आरोपों की रोशनी में विस्तृत और पारदर्शी जांच समय पर हो पाएगी
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