ग्रैप के बीच पानीपत में निर्माण हादसा, 5 मजदूर घायल लेंटर और दीवार गिरने से मचा हड़कंप
पानीपत में ग्रैप लागू होने के बावजूद निर्माण कार्य के दौरान हादसा हो गया। लेंटर और दीवार गिरने से पांच मजदूर घायल हुए, पुलिस और लेबर विभाग ने जांच शुरू की।
• ग्रैप लागू होने के बावजूद पानीपत में निर्माण कार्य जारी
• लेंटर और दीवार गिरने से 5 मजदूर घायल
• फैक्ट्री मालिक कैमरों से बचते दिखे
दोपहर करीब 1 बजे एनसीआर में ग्रैप लागू होने के बावजूद हरियाणा के पानीपत में नियमों की खुलेआम अनदेखी सामने आई। पानीपत के सेक्टर-25 पार्ट-वन, प्लॉट नंबर 56 पर निर्माण कार्य जारी था, जबकि कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगी हुई है।
इसी दौरान निर्माणाधीन इमारत का लेंटर अचानक भरभराकर गिर गया। लेंटर गिरते ही वहां काम कर रहे दो मजदूर मलबे में दब गए। आसपास मौजूद लोगों ने आनन-फानन में दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उन्हें गंभीर चोटें लग चुकी थीं।
हादसा यहीं नहीं थमा। लेंटर गिरने के तेज दबाव से पास में बनी एक फैक्ट्री की दीवार भी ढह गई। दीवार गिरते समय वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। दीवार गिरने की ताकत इतनी ज्यादा थी कि दो मजदूर 8 से 10 फीट दूर जाकर गिरे, जबकि एक मजदूर दीवार के नीचे दब गया, जिसके सिर में गंभीर चोट आई है।
इस हादसे में कुल पांच मजदूर घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज पानीपत के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल मजदूरों के बयान दर्ज कर लिए हैं और पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
हैरानी की बात यह रही कि फैक्ट्री मालिक पुलिस कैमरों से बचते नजर आए और मामले में कोई जवाब देने से कतराते रहे। हादसे की सूचना मिलते ही लेबर डिपार्टमेंट की टीम भी अस्पताल पहुंची, जहां घायल मजदूरों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली गई।
इस घटना ने प्रशासनिक निगरानी और नियमों की अनदेखी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रैप लागू होने के बावजूद बिना सुरक्षा इंतजाम, बिना सेफ्टी इक्विपमेंट और बिना किसी तैयारी के मजदूरों से काम करवाया जा रहा था।
मौके पर जब पुलिस अधिकारियों ने सवाल उठाए, तो फैक्ट्री मालिकों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब निर्माण कार्य पर पूरी तरह रोक है, तो आखिर किसके संरक्षण में यह जानलेवा काम चल रहा था।
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