जंगल सफारी से पहले रास्ते में दिखा अजगर का जोड़ा, वीडियो में कैद हुआ नज़ारा

यमुनानगर के कलेसर नेशनल पार्क में 1 अक्टूबर से जंगल सफारी फिर से शुरू होगी। हाल ही में दो अजगर सफारी मार्ग पर दिखाई दिए। वन्यजीव निरीक्षक ने बताया कि यह स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमाण है।

जंगल सफारी से पहले रास्ते में दिखा अजगर का जोड़ा, वीडियो में कैद हुआ नज़ारा

➤ कलेसर नेशनल पार्क में 1 अक्टूबर से जंगल सफारी फिर से शुरू होगी
➤ सफारी मार्ग पर अजगरों का जोड़ा दिखा, वीडियो स्थानीय ग्रामीण ने बनाया
➤ स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमाण, वन्यजीव सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी

यमुनानगर स्थित कलेसर नेशनल पार्क में कुछ महीनों से बंद पड़ी जंगल सफारी आगामी 1 अक्टूबर से फिर से शुरू होने जा रही है। इस बीच, पार्क के रास्ते पर हाल ही में दो अजगर का जोड़ा देखा गया, जिसने प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया। एक स्थानीय ग्रामीण ने यह अद्भुत दृश्य अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया।

कलेसन नेशनल पार्क में जंगल सफारी वाले  रास्ते पर नजर आया अजगर का जोड़ा। - Dainik Bhaskar

वीडियो में देखा जा सकता है कि दो अजगर सफारी मार्ग पर धीरे-धीरे रेंगते हुए आगे बढ़ रहे हैं। पहले अजगर की लंबाई लगभग 8 से 10 फीट और वजन करीब 35 किलोग्राम बताया गया है। वहीं, दूसरे अजगर की लंबाई 12 फीट से अधिक और वजन करीब 40 किलोग्राम था। वन्यजीव इंस्पेक्टर लीलू राम ने बताया कि मानसून के बाद अजगर और अन्य जंगली जीव अक्सर सफारी मार्ग और उसके आसपास दिखाई देते हैं। यह घटना पार्क के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतीक मानी जा रही है। करीब 10 दिन पहले भी 45 किलो वजन का अजगर कन्नी लाइन पर देखा गया था।

कलेसर नेशनल पार्क 11,570 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, जो हिमाचल प्रदेश के सिम्बलबारा और उत्तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क से सटा हुआ है। यह क्षेत्र अजगर, तेंदुए, चीतल, सांभर, जंगली सूअर और कभी-कभी हाथी व बाघ जैसे वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। इंस्पेक्टर लीलू राम ने बताया कि अजगर इस पार्क के मूल निवासी हैं और गर्मियों में पानी की तलाश में यमुना नदी किनारे आ जाते हैं। ऐसे में उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा जाता है।

10 दिन पहले जंगल की कन्नी लाइन पर नजर आया 45 किलो वजनी अजगर।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानसून की वजह से जंगल सफारी को 30 सितंबर तक बंद रखा गया था। लेकिन 1 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए यह फिर से खोली जाएगी। सफारी मार्ग खोलने से पहले रास्तों की पूरी जांच की जाएगी और आवश्यक मरम्मत भी की जाएगी। वन्यजीव सुरक्षा के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं, ताकि पर्यटक सुरक्षित रूप से प्रकृति के करीब जा सकें।