हमसे सबूत मांगे,राष्ट्रपति ने वोट चोरी का खंडन नहीं किया, राहुल गांधी बोले- सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे
INDIA गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को चुनावों में कथित वोट चोरी पर ज्ञापन सौंपा। राहुल गांधी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिलने की बात कही।
➤ INDIA गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा ज्ञापन, चुनावों में कथित वोट चोरी के आरोप लगाए
➤ राहुल गांधी ने कहा- सोमवार को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष ज्ञापन लेकर जाएगा विपक्षी प्रतिनिधिमंडल
➤ हरियाणा समेत कई राज्यों के चुनावों में गड़बड़ी का आरोप, चुनाव आयोग की जवाबदेही पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। चुनाव प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने अपना विरोध तेज कर दिया है। INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। बैठक के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी प्रतिनिधिमंडल अब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष ज्ञापन लेकर जाएगा। राहुल गांधी के मुताबिक, राष्ट्रपति के साथ मुलाकात के दौरान विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े अपने आरोप और उपलब्ध सबूतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति ने विपक्ष से सबूत प्रस्तुत करने को कहा है। विपक्षी गठबंधन ने अपने ज्ञापन में हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के चुनावों में गड़बड़ी होने के आरोप लगाए हैं। गठबंधन ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं और इन्हें साबित करने के लिए संबंधित साक्ष्यों तथा सक्षम संस्थाओं की जांच का निष्कर्ष महत्वपूर्ण होगा।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अलग-अलग संवैधानिक संस्थाओं के सामने अपनी बात रख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने गए थे, लेकिन उन्हें वहां हिरासत में लिया गया और पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। राहुल गांधी के अनुसार, विपक्ष ने इसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की बात कही, लेकिन वहां जाने से भी रोका गया। उन्होंने कहा कि अब राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के बाद विपक्ष सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष अपनी बात रखेगा।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने क्या कहा
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति भवन से बाहर आने के बाद कहा कि विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति के सामने कथित वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल रखे। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति ने इन आरोपों को सीधे खारिज नहीं किया, बल्कि उनसे सबूत प्रस्तुत करने को कहा।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष ने जो सबूत जुटाए हैं, उन्हें राष्ट्रपति के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने दावा किया कि इन मुद्दों पर राष्ट्रपति ने आगे विचार करने और कार्रवाई करने की बात कही है।
हालांकि, राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया के बारे में राहुल गांधी ने जो विवरण दिया है, वह उनके बयान पर आधारित है। राष्ट्रपति की ओर से कथित वोट चोरी के आरोपों को स्वीकार किए जाने या किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष ज्ञापन देने की तैयारी
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर अपना विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि सोमवार को यही प्रतिनिधिमंडल सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष ज्ञापन लेकर जाएगा।
राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्ष पहले मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने गया था। इसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश की गई और अब राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर संवैधानिक संस्थाओं के सामने अपनी बात रखने के सभी उपलब्ध रास्तों का इस्तेमाल करेगा।
विपक्ष की आगे की रणनीति में न्यायपालिका के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत करना एक अहम कदम बताया जा रहा है। हालांकि, ज्ञापन सौंपे जाने और अदालत में किसी औपचारिक याचिका या अन्य कानूनी कार्यवाही के बीच अंतर होता है। सोमवार को प्रस्तावित कदम का स्वरूप और आगे की प्रक्रिया संबंधित आधिकारिक जानकारी से स्पष्ट होगी।
ज्ञापन में सात राज्यों के चुनावों को लेकर लगाए आरोप
INDIA गठबंधन की ओर से राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर वोट चोरी हुई। इसमें हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल का उल्लेख किया गया है।
ज्ञापन में विपक्ष ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कई विधानसभा और लोकसभा चुनावों में EVM तथा मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर किया। गठबंधन ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर मामला बताते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है।
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी आरोप लगाए हैं कि उन्होंने कथित अनियमितताओं को छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष गलत जानकारी दी। ये आरोप ज्ञापन में विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध सामग्री में इन आरोपों के समर्थन में प्रस्तुत सभी दस्तावेजों का विवरण या किसी सक्षम संस्था का अंतिम निष्कर्ष शामिल नहीं है।
वोट देने के अधिकार और संविधान का हवाला
राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में INDIA गठबंधन ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदान का अधिकार प्रतिनिधि लोकतंत्र की बुनियाद है। गठबंधन का तर्क है कि चुनाव आयोग इस संवैधानिक व्यवस्था का संरक्षक है और उसे संविधान के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया है कि किसी भी संस्था को मतदान के अधिकार से जुड़े नियमों में बदलाव करने, अपने फैसलों के लिए जवाबदेही से बचने या सवाल उठाने वालों की आवाज दबाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही को लेकर अपनी मांगें सामने रखी हैं।
गठबंधन ने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी अनियमितताओं के सवालों पर जवाब मांगने वालों के साथ टालमटोल और दमनकारी रवैया अपनाया जा रहा है। इन आरोपों पर संबंधित संस्थाओं की प्रतिक्रिया और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच से ही पूरे मामले के विभिन्न पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात और प्रदर्शन को लेकर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपने बयान में इससे पहले हुई घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने गए थे, लेकिन वहां उन्हें हिरासत में लिया गया और पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। राहुल गांधी के अनुसार, सांसदों को बसों में बैठाकर पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
उन्होंने बताया कि इसके बाद विपक्ष ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की बात कही, लेकिन वहां जाने से रोके जाने का आरोप भी लगाया। राहुल गांधी ने इन घटनाओं को विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाने के प्रयासों के संदर्भ में रखा।
इन घटनाओं को लेकर विपक्ष का पक्ष सामने आया है, लेकिन पुलिस और संबंधित प्रशासन का विस्तृत पक्ष उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है। इसलिए हिरासत और पुलिस कार्रवाई से जुड़े आरोपों की पूरी तस्वीर समझने के लिए सभी संबंधित पक्षों की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
चुनाव आयोग की जवाबदेही पर विपक्ष का जोर
INDIA गठबंधन ने ज्ञापन में चुनाव आयोग की भूमिका और जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
गठबंधन ने EVM, मतदाता सूची और चुनावों में कथित अनियमितताओं के आरोपों पर स्पष्ट जवाब मांगा है। विपक्ष का तर्क है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावों की निष्पक्षता को लेकर उठने वाले सवालों की जांच होनी चाहिए और संबंधित संस्थाओं को तथ्यों के आधार पर जवाब देना चाहिए।
दूसरी ओर, किसी चुनाव में गड़बड़ी या वोट चोरी का आरोप अपने आप में उसकी पुष्टि नहीं करता। ऐसे मामलों में दस्तावेजों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित संस्थाओं की जांच के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
आगे क्या होगा
राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के बाद अब विपक्ष की निगाह सोमवार को प्रस्तावित अगले कदम पर है। राहुल गांधी ने कहा है कि विपक्षी प्रतिनिधिमंडल सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष ज्ञापन लेकर जाएगा। इस बीच, INDIA गठबंधन की ओर से चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर उठाए गए सवाल राजनीतिक चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।
आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि विपक्ष अपने आरोपों के समर्थन में कौन-से साक्ष्य प्रस्तुत करता है और संबंधित संवैधानिक संस्थाएं इन मुद्दों पर क्या प्रक्रिया अपनाती हैं। फिलहाल राष्ट्रपति से मुलाकात, ज्ञापन में लगाए गए आरोप और सोमवार को प्रस्तावित कदम इस घटनाक्रम के प्रमुख पहलू हैं।
Akhil Mahajan