हरियाणा में SIR का विरोध: कांग्रेस नेत्रियों में हाथापाई, करनाल में नेताओं को पुलिस ने उठाया; जींद में फोटो को लेकर धक्का-मुक्की

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हरियाणा में SIR का विरोध: कांग्रेस नेत्रियों में हाथापाई, करनाल में नेताओं को पुलिस ने उठाया; जींद में फोटो को लेकर धक्का-मुक्की

➤ SIR के विरोध में हरियाणा के जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस का प्रदर्शन
➤ फरीदाबाद में महिला नेत्रियों के बीच हाथापाई, करनाल में पुलिस कार्रवाई
➤ जींद में गीता भुक्कल के साथ फोटो को लेकर कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की


हरियाणा में SIR और मतदाता सूची के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को प्रदेश के अलग-अलग जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की और कई जगहों पर पुतले भी फूंके। प्रदर्शन के दौरान पंचकूला, फरीदाबाद, करनाल, सिरसा और जींद समेत कई जिलों में अलग-अलग तस्वीरें सामने आईं। कहीं पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड लगाकर रोका, कहीं सड़क पर बैठे नेताओं को पुलिस ने उठाया, तो फरीदाबाद में कांग्रेस की महिला नेत्रियों के बीच विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। जींद में पूर्व मंत्री गीता भुक्कल के साथ फोटो खिंचवाने को लेकर भी कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई।

करनाल में बीच सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण जिला अध्यक्ष राजेश वैध और यूथ के जिला अध्यक्ष रजत लाठर को पुलिस ने घसीटकर उठाया।

फरीदाबाद में महिला नेत्रियों के बीच हाथापाई

फरीदाबाद में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की महिला नेत्रियों के बीच विवाद हो गया। बल्लभगढ़ विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुकीं पराग शर्मा और महिला कार्यकर्ता गजना लांबा तथा शालिनी चोपड़ा के बीच एक-दूसरे से आगे निकलने को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान तीनों के बीच थप्पड़बाजी का वीडियो भी सामने आया है। यह घटनाक्रम महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष पर्ल चौधरी के सामने हुआ।

गजना लांबा महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव रह चुकी हैं, जबकि शालिनी चोपड़ा ने कांग्रेस के टिकट पर नगर निगम पार्षद का चुनाव लड़ा था। प्रदर्शन के दौरान हुई इस घटना ने पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों को लेकर भी चर्चा तेज कर दी।

सीईसी ज्ञानेश के पुतले को जूते भी मारे।

करनाल में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से उठाया

करनाल में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ता सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अंबेडकर चौक पर सड़क पर बैठ गए। पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने को कहा। प्रदर्शनकारियों के नहीं हटने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें सड़क से उठाकर वाहनों में बैठाया और सिविल लाइन थाने ले गई।

इस दौरान कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष राजेश वैध और यूथ जिला अध्यक्ष रजत लाठर समेत अन्य कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा उठाए जाने की तस्वीरें सामने आईं।

पंचकूला में हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय घेरने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया तो कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठ गए।

पंचकूला में बैरिकेडिंग, सड़क पर बैठे कांग्रेस नेता

पंचकूला में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, विधायक चंद्र मोहन और महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुधा भारद्वाज समेत कई नेता हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। पुलिस ने कार्यालय की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेड लगा दिए।

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठ गए तथा नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन के दौरान चुनावी प्रक्रिया, मतदाता अधिकारों और SIR को लेकर कांग्रेस ने अपना विरोध दर्ज कराया।

जींद में गीता भुक्कल के साथ फोटो को लेकर धक्का-मुक्की

जींद में कांग्रेस ने रानी तालाब से जिला सचिवालय तक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री गीता भुक्कल के साथ फोटो खिंचवाने को लेकर कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की हो गई। स्थिति बिगड़ने से पहले जिला प्रधान ने बीच में आकर कार्यकर्ताओं को संभाला।

सिरसा में तीनों कांग्रेस विधायक प्रदर्शन में नहीं पहुंचे

सिरसा में पूर्व मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में जिले के तीनों कांग्रेस विधायक शामिल नहीं हुए। इनमें सिरसा से गोकुल सेतिया, कालांवाली से शीशपाल कहरवाला और ऐलनाबाद से भरत सिंह बेनीवाल शामिल हैं। शीशपाल की फतेहाबाद में प्रदर्शन के लिए ड्यूटी लगी थी, जबकि अन्य दो विधायकों की ओर से प्रदर्शन में शामिल नहीं होने को लेकर कोई बयान जारी नहीं हुआ।

इससे पहले गोकुल सेतिया ने सिरसा में चौधरी बीरेंद्र सिंह को प्रदर्शन की जिम्मेदारी दिए जाने पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नाराजगी जताई थी और उन्हें सिरसा आकर देखने की चुनौती दी थी। प्रदर्शन के दौरान बीरेंद्र सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आ गया ना, देख लिया।”

कई जिलों में हुआ प्रदर्शन

हरियाणा के अलग-अलग जिला मुख्यालयों पर हुए प्रदर्शनों में कांग्रेस के साथ कुछ जगहों पर इंडिया गठबंधन के सहयोगी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए और SIR तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराया।

कांग्रेस की ओर से इन प्रदर्शनों को वोट और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन के दौरान सामने आए विवाद और पुलिस कार्रवाई ने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से और चर्चा में ला दिया है।