तो राव नरेंद्र सिंह बनेंगे हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष, भूपेंद्र सिंह हुड्डा को CLP लीडर बनाने की तैयारी

हरियाणा कांग्रेस में बड़ा फेरबदल तय, राव नरेंद्र सिंह को प्रदेशाध्यक्ष और भूपेंद्र सिंह हुड्डा को CLP लीडर बनाए जाने की संभावना, दोनों को बिना सदस्य हुए भी CWC मीटिंग का न्योता।

तो राव नरेंद्र सिंह बनेंगे हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष,  भूपेंद्र सिंह हुड्डा  को CLP लीडर बनाने की तैयारी

➤ राव नरेंद्र सिंह हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष बनने की दौड़ में सबसे आगे
➤ भूपेंद्र सिंह हुड्डा का CLP लीडर बनना लगभग तय
➤ बिना सदस्य हुए भी दोनों को कांग्रेस वर्किंग कमेटी बैठक में बुलाया गया


हरियाणा कांग्रेस में लंबे समय से चले आ रहे नेतृत्व संकट के बीच अब तस्वीर साफ होती दिख रही है। नारनौल के रहने वाले पूर्व मंत्री राव नरेंद्र सिंह का नाम प्रदेश अध्यक्ष के लिए लगभग तय माना जा रहा है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कांग्रेस विधायक दल (CLP) लीडर बनाए जाने पर सहमति बन गई है। अगर ऐसा होता है तो हरियाणा कांग्रेस में हाशिये पर आए भूपेंद्र हुड्डा ने अपना दम दिखाया है और उनका गुट हावी होता दिख रहा है। विधानसभा चुनावों में हुई करारी हार के बाद ऐसे क्‍यास लग रह थे कि उन्‍हें संगठन में जगह नहीं‍ मिलेगी। 

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने हुड्डा का नाम CLP लीडर के लिए आगे बढ़ाया है। हरियाणा से कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला भी CWC की बैठक में शामिल होंगे। यह कदम कांग्रेस हाईकमान की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसके तहत पार्टी 2024 के विधानसभा चुनाव में हुए नुकसान की भरपाई करना चाहती है।

कांग्रेस के लिए दक्षिण हरियाणा का महत्व लगातार बढ़ा है। इस इलाके में अहीरवाल बेल्ट की 11 सीटों में से कांग्रेस के खाते में पिछले चुनाव में सिर्फ एक सीट आई थी, जबकि भाजपा ने 10 सीटें जीतीं। ऐसे में OBC समुदाय से आने वाले राव नरेंद्र सिंह को प्रदेशाध्यक्ष बनाकर कांग्रेस इस बेल्ट और वोट बैंक पर पकड़ मजबूत करना चाहती है। अगर राव नरेंद्र को यह जिम्मेदारी मिलती है तो वह पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के बाद कांग्रेस के दूसरे बड़े OBC चेहरे होंगे।

अब तक हरियाणा कांग्रेस के चार प्रदेशाध्यक्ष अनुसूचित जाति वर्ग से चुने गए थे—फूलचंद मौलाना, अशोक तंवर, कुमारी सैलजा और उदयभान। मौजूदा अध्यक्ष उदयभान हाल ही में चुनाव हार गए, जिसके बाद से उन्हें बदलने की मांग तेज हो गई थी।

उधर, कांग्रेस विधायक दल नेता के लिए हुड्डा का नाम लगभग पक्का है। अक्टूबर 2024 में चंडीगढ़ में हुई मीटिंग में 37 में से 31 विधायक उनके समर्थन में थे। ऑब्जर्वर के रूप में अशोक गहलोत, अजय माकन, प्रताप सिंह बाजवा और टीएस सिंह देव ने विधायकों से वन-टू-वन बातचीत कर राय जानी थी।

इन नियुक्तियों से कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि पार्टी अब गुटबाजी से ऊपर उठकर 2029 की सियासी जंग की तैयारी में जुट रही है।