हरियाणा के युवा वैज्ञानिक सचिन कादयान का अंतरराष्ट्रीय मंच पर जलवा, विश्वभर के 120 वैज्ञानिकों में आया नाम

माजरा गांव के डॉ. सचिन कादयान को जापान सरकार की ओर से पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। टोकियो विश्वविद्यालय में माइक्रोनीडलिंग आधारित बायोसेंसिंग और ड्रग डिलीवरी सिस्टम पर शोध करेंगे।

हरियाणा के युवा वैज्ञानिक सचिन कादयान का अंतरराष्ट्रीय मंच पर जलवा, विश्वभर के 120 वैज्ञानिकों में आया नाम

➤माजरा गांव के डॉक्टर सचिन कादयान को जापान सरकार की प्रतिष्ठित पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप
➤विश्वभर के हजारों वैज्ञानिकों में शीर्ष स्थान पर चयन
➤टोकियो विश्वविद्यालय में माइक्रोनीडलिंग आधारित बायोसेंसिंग और ड्रग डिलीवरी पर शोध करेंगे



हरियाणा के माजरा गांव के डॉ. सचिन कादयान, जो मास्टर चांद सिंह कादयान के पुत्र हैं, ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने गांव और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्हें जापान सरकार द्वारा प्रायोजित जापान सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ साइंस (JSPS) की प्रतिष्ठित पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। यह फेलोशिप विश्वभर के चुनिंदा युवा वैज्ञानिकों को प्रदान की जाती है, जिसमें इस वर्ष हजारों आवेदकों में से डॉ. सचिन कादयान ने अपनी वैज्ञानिक सोच, समर्पण और निरंतर प्रयासों से शीर्ष स्थान हासिल कर सफलता अर्जित की।

यह पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप जापान सरकार की ओर से 24 माह की अवधि के लिए प्रदान की जाती है। इस अवधि में चयनित वैज्ञानिक को शोध कार्य हेतु वजीफा, यात्रा भत्ता और अनुसंधान सहायता दी जाती है। विश्व के 120 चुनिंदा वैज्ञानिकों में से एक बनकर डॉ. सचिन कादयान जापान में अपने शोध कौशल से मानवता की सेवा करेंगे।

उनका चयन टोकियो विश्वविद्यालय में माइक्रोनीडलिंग आधारित ट्रांसडर्मल बायोसेंसिंग और पर्सनलाइज्ड ड्रग डिलीवरी सिस्टम विषय पर शोध के लिए हुआ है। वर्तमान में वे अमेरिका के एनसी स्टेट विश्वविद्यालय और नॉर्थ कैरोलाइना विश्वविद्यालय के संयुक्त बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग में पोस्ट डॉक्टोरल शोधार्थी के रूप में कार्यरत हैं।

डॉ. सचिन कादयान ने अपनी पीएचडी आईआईटी रुड़की और एनआईटी कुरुक्षेत्र के संयुक्त तत्वावधान में पूरी की थी। उन्हें आईआईटी रुड़की की ओर से श्रेष्ठ पीएचडी थीसिस सम्मान भी मिल चुका है। वर्ष 2024 में उन्हें बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभागीय उपलब्धि पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

अपनी इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपने परिवार, शिक्षकों और गांव को दिया है। उनके दादा गुलजारी कादयान अपने समय के प्रसिद्ध पहलवान और समाजसेवी रहे हैं, जबकि उनकी माता कमलेश देवी गृहिणी हैं और बहन मोनिका कादयान वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में मैनेजर हैं।

सफलता की खबर मिलते ही माजरा गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। पूर्व जिला परिषद सदस्य मास्टर जय भगवान ने इसे क्षेत्र की “स्वर्णिम उपलब्धि” बताया। प्रोफेसर अजय कादयान ने कहा कि डॉ. सचिन बचपन से ही अत्यंत मेधावी और जिज्ञासु छात्र रहे हैं। दूबलधन कॉलेज सुधार समिति के प्रधान सुखचंद कादयान, पूर्व सरपंच नरेंद्र कादयान, महंत छतर सिंह, ईश्वर पंडित, बसाऊ कादयान, धर्म सिंह, डॉ. दयानंद कादयान, आशीष कादयान और जबर कादयान समेत अनेक लोगों ने उनके परिवार को बधाई दी।