CJP के प्रदर्शन से पहले हरियाणा में सख्ती, पूर्व विधायक और किसान नेता हिरासत में; दिल्ली बॉर्डर पर बढ़ी निगरानी
CJP के 10 अक्टूबर के दिल्ली प्रदर्शन से पहले हरियाणा में बॉर्डर और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ी। कई नेताओं को रोके जाने और CID निगरानी के आरोप सामने आए।
➤ 10 अक्टूबर के CJP प्रदर्शन से पहले हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर पर नाकेबंदी, वाहनों की जांच तेज
➤ पानीपत के पूर्व विधायक बलवीर वाल्मीकि समेत कई नेताओं और किसान कार्यकर्ताओं को रोके जाने का दावा
➤ CJP प्रवक्ता ने पुलिस और CID पर फोन करने व रेकी करने के आरोप लगाए, प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल
झज्जर। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हरियाणा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पानीपत से लेकर दिल्ली की सीमा तक पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है। रेलवे स्टेशनों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि टिकरी, बदरपुर, कापसहेड़ा और सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की जांच की जा रही है। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे नेताओं और किसान कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिलों में रोके जाने तथा कुछ को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। पानीपत के इसराना क्षेत्र के पूर्व विधायक बलवीर वाल्मीकि को भी दिल्ली जाते समय पुलिस ने डिटेन किया। दूसरी ओर, CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर सांगवान ने आरोप लगाया है कि पार्टी से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए फोन किए जा रहे हैं और कुछ लोगों के घरों के आसपास रेकी की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए हरियाणा के कई जिलों में पुलिस की सक्रियता बढ़ी हुई है। पार्टी की कोर टीम में हरियाणा के कई चेहरे शामिल बताए जा रहे हैं। इसी वजह से प्रदर्शन से पहले पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर नजर रखे जाने की बात सामने आई है। विभिन्न स्थानों पर पुलिस की तैनाती, नाकेबंदी और नेताओं को घरों में रोके जाने की खबरों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
इसी बीच, जर्मनी में रह रहे हरियाणवी यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी वीडियो जारी कर लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। ध्रुव राठी मूल रूप से रोहतक के रहने वाले हैं। प्रदर्शन से पहले सामने आ रहे घटनाक्रम ने हरियाणा से दिल्ली जाने वाले लोगों की आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों को चर्चा में ला दिया है।
बॉर्डर पर नाकेबंदी, CCTV से निगरानी
दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ क्षेत्र में पुलिस ने टिकरी बॉर्डर से झाड़ौदा बॉर्डर, यूईआर, रोहद टोल और कानौंदा तक नाकेबंदी की है। नाकों पर हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। बहादुरगढ़ से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों की तलाशी ली जा रही है और यात्रियों से दिल्ली जाने का कारण भी पूछा जा रहा है।
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों की संभावित आवाजाही को देखते हुए पुलिस की ओर से निगरानी बढ़ाई गई है। बॉर्डर पर जांच और वाहनों को रोककर पूछताछ किए जाने के कारण दिल्ली जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सभी मार्गों पर लगाए गए प्रतिबंधों की अवधि और उनके दायरे का पूरा विवरण नहीं दिया गया है।
रेलवे स्टेशनों पर पुलिस अलर्ट
सोनीपत और पानीपत रेलवे स्टेशनों पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। सोनीपत के एसीपी अमित धनखड़ ने रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, स्टेशन परिसर में शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।
रेलवे स्टेशनों के आसपास पुलिस बल की तैनाती के साथ निगरानी बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शन से पहले दिल्ली जाने वाले यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। इस बीच, हरियाणा से दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द किए जाने की जानकारी भी दी गई है, जिससे रेल यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
पूर्व विधायक बलवीर वाल्मीकि को रास्ते में रोका
पानीपत के इसराना क्षेत्र के पूर्व विधायक बलवीर वाल्मीकि को शुक्रवार को दिल्ली जाते समय हल्दाना चौकी के पास पुलिस ने डिटेन कर लिया। जानकारी के अनुसार, वह अपने साथियों के साथ गाड़ियों में दिल्ली जा रहे थे। पुलिस उन्हें साथियों से अलग कर घर ले आई।
रिपोर्ट के मुताबिक, जब उन्हें रोके जाने का कारण पूछा गया तो पुलिस अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा सका। इस घटनाक्रम के बाद प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे नेताओं को रास्ते में रोके जाने का मामला चर्चा में आ गया है।
पानीपत में कांग्रेस नेताओं को घर पर रोके जाने का दावा
पानीपत में कांग्रेस नेता सचिन कुंडू और ग्रामीण जिला अध्यक्ष रमेश मलिक को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, सेक्टर-18 स्थित सचिन कुंडू के आवास पर पुलिस पहुंची और वहां अन्य कांग्रेस नेताओं को भी रोके जाने की बात कही गई है।
प्रदर्शन से पहले राजनीतिक नेताओं के घरों पर पुलिस की मौजूदगी और उन्हें बाहर जाने से रोके जाने की घटनाओं ने जिले में राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, संबंधित कार्रवाई के आधिकारिक कारणों का पूरा विवरण उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।
करनाल में कांग्रेस नेताओं को डिटेन किए जाने की जानकारी
करनाल में कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष पराग गाबा, यूथ ग्रामीण जिला अध्यक्ष रजत लाठर और कांग्रेस नेता इंद्रजीत गोराया को पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट या डिटेन किए जाने की जानकारी दी गई है। प्रदर्शन से पहले अलग-अलग जिलों में नेताओं को रोके जाने की खबरों के बीच करनाल की कार्रवाई भी चर्चा में है।
इन घटनाओं के संबंध में उपलब्ध विवरण में पुलिस की ओर से सभी संबंधित व्यक्तियों को रोके जाने के कारणों का विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में कार्रवाई की परिस्थितियों और उसके आधार को लेकर आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
सिरसा में किसान नेताओं को घर पर रोके जाने का दावा
सिरसा जिले में किसान नेता सुरजीत सिंह बेगू और दारा सिंह को पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि पुलिस सुबह ही उनके घर पहुंच गई थी। CJP के प्रदर्शन से पहले किसान नेताओं की आवाजाही पर रोक लगाए जाने की इन खबरों ने आंदोलन से जुड़े लोगों के बीच चर्चा बढ़ा दी है।
यमुनानगर में AAP नेताओं को डिटेन किए जाने की जानकारी
यमुनानगर में आम आदमी पार्टी के अंबाला लोकसभा उपाध्यक्ष दलीप दडवा और नेता ललित त्यागी को डिटेन किए जाने की जानकारी दी गई है। अलग-अलग जिलों में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और किसान संगठनों से जुड़े लोगों को रोके जाने की खबरें सामने आने के बाद प्रदर्शन से पहले की पुलिस कार्रवाई का दायरा चर्चा में है।
रोहतक में किसान नेत्री के घर पहुंची CID
रोहतक में किसान नेत्री मोनिका नैन के घर CID की टीम पहुंची। जानकारी के अनुसार, टीम ने उनसे अगले दिन होने वाले प्रदर्शन को लेकर बातचीत की। वहीं, जिला परिषद सदस्य जयदेव डागर को CJP के पिछले आंदोलन के दौरान सांपला में डिटेन किए जाने का उल्लेख भी सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को भी CID की टीम उनके घर पर नजर रख रही थी।
इन घटनाओं के बीच CJP प्रवक्ता सुधीर सांगवान ने दावा किया है कि पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं और नेताओं के घरों के आसपास निगरानी की जा रही है। हालांकि, CID की कार्रवाई का आधिकारिक उद्देश्य और उसके संबंध में विभाग का विस्तृत पक्ष उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
हरियाणा से दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनें रद्द
प्रदर्शन से पहले रेल यातायात को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, नारनौल से दिल्ली जाने वाली 10 ट्रेनें शुक्रवार से 11 अक्टूबर तक रद्द की गई हैं। वहीं, पानीपत से दिल्ली जाने वाली 16 ट्रेनों को भी रद्द किए जाने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा, शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन तक जाने वाली छह ट्रेनें रद्द रहने की बात कही गई है। इससे दिल्ली जाने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ सकता है। यात्रियों के लिए संबंधित ट्रेन की स्थिति और यात्रा संबंधी जानकारी की पुष्टि करना जरूरी होगा, क्योंकि ट्रेन रद्द होने से दैनिक यात्रियों और दूसरे जरूरी कामों से दिल्ली जाने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।
CJP प्रवक्ता सुधीर सांगवान ने लगाए आरोप
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता और चरखी दादरी निवासी सुधीर सांगवान ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में लोगों को जाने से रोकने के लिए पुलिस की मदद ली जा रही है। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में CJP से जुड़े साथियों को फोन किए जा रहे हैं और पुलिस तथा CID की ओर से कुछ कार्यकर्ताओं के घरों के आसपास रेकी की जा रही है।
सांगवान ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह का रवैया जारी रहा तो अगला प्रदर्शन दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर किया जाएगा। ये आरोप CJP प्रवक्ता की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित प्रशासन का विस्तृत पक्ष उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन पर नजर
CJP का दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रदर्शन प्रस्तावित है। इससे पहले हरियाणा के कई जिलों में पुलिस की सक्रियता बढ़ने, नेताओं और किसान कार्यकर्ताओं को रोके जाने तथा दिल्ली जाने वाले मार्गों और रेलवे स्टेशनों पर निगरानी की खबरें सामने आई हैं।
अब इस घटनाक्रम में पुलिस की कार्रवाई, CJP की ओर से लगाए गए आरोपों और प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान की स्थिति पर नजर रहेगी। प्रदर्शन से पहले आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सामने आ रही जानकारी के बीच प्रशासन का आधिकारिक पक्ष और कार्रवाई के कारण स्पष्ट होना भी महत्वपूर्ण है।
Akhil Mahajan